ZIM vs IND: जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय T20I टीम में वापसी के हकदार थे ये 3 खिलाड़ी

ZIM vs IND: जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय T20I टीम में वापसी के हकदार थे ये 3 खिलाड़ी

इन खिलाड़ियों की मौजूदगी युवा टीम को संतुलन और मजबूती भी दे सकती थी।

ZIM vs IND: India's T20I Squad (Image credit Twitter - X)
ZIM vs IND: India’s T20I Squad (Image credit Twitter – X)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। चयनकर्ताओं ने कई युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य की तैयारी का संकेत दिया है।

हालांकि, कुछ अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी ने क्रिकेट जगत में चर्चा छेड़ दी है। हालिया प्रदर्शन और अनुभव को देखते हुए कई ऐसे खिलाड़ी थे, जो टीम में वापसी के मजबूत दावेदार माने जा रहे थे। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी युवा टीम को संतुलन और मजबूती भी दे सकती थी।

1. मोहम्मद सिराज 

तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पिछले कुछ वर्षों से भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए लगातार प्रभावशाली गेंदबाजी की और महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।

उनकी सबसे बड़ी खासियत नई गेंद से दबाव बनाना और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देना है। अनुभवी गेंदबाज होने के नाते वह युवा तेज गेंदबाजों का मार्गदर्शन भी कर सकते थे। ऐसे में कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिम्बाब्वे दौरे के लिए उन्हें टीम में शामिल किया जाना चाहिए था।

2. भुवनेश्वर कुमार 

अनुभवी स्विंग गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया कि उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बाकी है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में लगातार विकेट लिए और अपनी सटीक गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया।

लंबे समय से भारतीय टी20 टीम से बाहर चल रहे भुवनेश्वर के लिए यह वापसी का अच्छा मौका माना जा रहा था। उनकी मौजूदगी युवा गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव और संतुलन दे सकती थी, लेकिन चयनकर्ताओं ने इस बार भी उन पर भरोसा नहीं जताया।

3. सूर्यकुमार यादव

टी20 क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल सूर्यकुमार यादव को भी इस टीम में जगह नहीं मिली। हाल के समय में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन घरेलू टी20 प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी कर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए थे।

भारत की मध्यक्रम बल्लेबाजी हाल के मैचों में संघर्ष करती नजर आई है और ऐसे में सूर्यकुमार का अनुभव टीम के काफी काम आ सकता था। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े मैचों का अनुभव जिम्बाब्वे जैसी सीरीज में युवा खिलाड़ियों के लिए भी फायदेमंद साबित होता। इसी वजह से कई विशेषज्ञ मानते हैं कि वह टीम में वापसी के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल थे।

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