3 श्रीलंकाई खिलाड़ी जो भारत के लिए मुश्किल पैदा कर सकते हैं
भारत की जीत की राह में रोड़ा बन सकते हैं श्रीलंका के तीन खिलाड़ी
अद्यतन - अगस्त 7, 2026 10:30 अपराह्न

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी। दोनों टीमों के लिए यह सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। श्रीलंका की टीम हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज हारकर अपने घर लौटी है, लेकिन घरेलू परिस्थितियों में उसका रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है।
भारत इस दौरे पर कुछ नए खिलाड़ियों के साथ उतर रहा है। ऐसे में मेजबान टीम अपनी घरेलू पिचों का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगी। खासकर गॉल की स्पिन मददगार पिचें भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकती हैं। आइए जानते हैं उन तीन श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बारे में, जो भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।
1. धनंजय डी सिल्वा
श्रीलंका के अनुभवी ऑलराउंडर धनंजय डी सिल्वा टीम की बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी माने जाते हैं। उन्होंने अब तक 67 टेस्ट मैचों में 4,320 रन बनाए हैं और 13 शतक लगाए हैं। इनमें से छह शतक उन्होंने अपने घरेलू मैदानों पर बनाए हैं।
डी सिल्वा इस सीरीज से पहले शानदार लय में हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में उन्होंने 129 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी। पिछली बार जब भारत ने श्रीलंका का दौरा किया था, तब भी उन्होंने नाबाद 119 रन बनाए थे। ऐसे में भारतीय गेंदबाज उन्हें जल्दी आउट करना चाहेंगे, क्योंकि अगर वह लंबी पारी खेल गए तो भारत के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
2. असिथा फर्नांडो
हालांकि, श्रीलंका की पिचों को स्पिनरों के लिए मददगार माना जाता है, लेकिन वहां तेज गेंदबाजों को भी शुरुआत में स्विंग और सीम मूवमेंट मिलती है। यही वजह है कि असिथा फर्नांडो भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
फर्नांडो ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा सात विकेट लिए थे। घरेलू मैदान पर उन्होंने 13 टेस्ट में 29 विकेट हासिल किए हैं। जसप्रीत बुमराह की तरह वह नई गेंद से बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते हैं। अगर शुरुआती ओवरों में उन्हें स्विंग मिली तो भारतीय शीर्ष क्रम पर दबाव बढ़ सकता है।
3. प्रभात जयसूर्या
बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या इस समय श्रीलंका के सबसे बड़े मैच विनर माने जाते हैं। उन्होंने केवल 23 टेस्ट मैचों में 125 विकेट अपने नाम किए हैं। इनमें से 96 विकेट उन्होंने अपने घरेलू मैदानों पर लिए हैं, जो उनकी काबिलियत को साफ दिखाता है।
गॉल की पिचें स्पिन गेंदबाजों के लिए हमेशा मददगार रही हैं और जयसूर्या उसी का फायदा उठाने में माहिर हैं। वह तेज गति से गेंद घुमाते हैं, जिससे बल्लेबाजों को खेलने में परेशानी होती है। हाल के समय में भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ कुछ मौकों पर संघर्ष करते नजर आए हैं।
ऐसे में जयसूर्या इस सीरीज में भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकते हैं। भारतीय टीम भले ही अनुभव और रिकॉर्ड के मामले में मजबूत हो, लेकिन श्रीलंका को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना आसान नहीं होगा।
धनंजय डी सिल्वा की भरोसेमंद बल्लेबाजी, असिथा फर्नांडो की तेज गेंदबाजी और प्रभात जयसूर्या की घातक स्पिन भारत की राह मुश्किल बना सकती है। अगर भारत को सीरीज अपने नाम करनी है तो इन तीनों खिलाड़ियों के प्रभाव को सीमित करना बेहद जरूरी होगा।