टेस्ट टीम में अजिंक्य रहाणे की जगह लेने के लिए तैयार बैठे हैं ये सभी खिलाड़ी - क्रिकट्रैकर हिंदी

टेस्ट टीम में अजिंक्य रहाणे की जगह लेने के लिए तैयार बैठे हैं ये सभी खिलाड़ी

पिछले कुछ समय से टेस्ट क्रिकेट में रहाणे का बल्ला बिल्कुल शांत रहा है।

Ajinkya Rahane. (Photo via Getty Images)
Ajinkya Rahane. (Photo via Getty Images)

भारतीय टेस्ट टीम का 2021 का क्रिकेट सीजन बेहद शानदार रहा। कोहली की कप्तानी में टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है। जैसे-जैसे टीम का कद बढ़ता जा रहा है, वैसे ही अब अजिंक्य रहाणे की खराब फॉर्म की वजह से टीम में जगह को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।

जब भारत ने 2020-2021 सीजन के दौरान बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी जीती थी, तब रहाणे उस टीम के कप्तान थे। उस सीरीज के दौरान उन्होंने अपने सीमित खिलाड़ियों को उत्कृष्ट रूप से संभाला और टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। वह एक ऐसे कप्तान थे जो सामने से नेतृत्व करते थे। लेकिन अब, रहाणे के लिए चीजें थोड़ी धुंधली होती हुई दिख रही है।

उनके खराब प्रदर्शन की वजह से फैंस और क्रिटिक्स लगातार उनकी आलोचना कर रहे हैं. उनका औसत काफी गिर गया है और उनका औसत काफी गिर गया है और टीम में उनकी जगह लेने के लिए कई दावेदार भी नजर आ रहे हैं। इस लेख में हम उन खिलाड़ियों पर नजर डालेंगे जो टेस्ट टीम में रहाणे की जगह ले सकते हैं।

5 खिलाड़ी जो नंबर 5 पर अजिंक्य रहाणे की जगह ले सकते हैं

1) हनुमा विहारी

Hanuma Vihari
Hanuma Vihari. (Photo Source: Twitter)

टेस्ट क्रिकेट में हनुमा विहारी एक क्लास वाले खिलाड़ी हैं। “क्लासिक” वह शब्द है जो हनुमा विहारी के लिए सबसे उपयुक्त है। इस बल्लेबाज में एक अलग ही प्रकार का स्वभाव है और टीम इंडिया के लिए मिले हर मौके पर वह लगातार बढ़िया प्रदर्शन करते हुए आ रहे है। बिना किसी संदेह के, वह रहाणे और अय्यर से पहले नंबर पांच स्थान के हकदार हैं।

2018-2019 में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान विहारी ने टीम के लिए पारी की शुरुआत की। उन्होंने काफी समय तक क्रीज पर वक्त बिताया और मयंक को मध्यक्रम के बल्लेबाजों के लिए मंच तैयार करने में मदद की। बाद में, 2021 में, उन्होंने सिडनी में चोटिल होने के बावजूद शानदार पारी खेली और टीम को टेस्ट हारने से बचाया।

विहारी ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 21 शतक बनाए हैं और उनका औसत 55.50 है। टेस्ट मैच में भी उनका औसत 34.20 का है। उन्हें जितने अधिक मौके मिलते हैं, वो उतने ही बेहतर बल्लेबाज बनकर सामने आते हैं। भारत के लिए उनका योगदान उन्हें पांचवें नंबर की स्थिति के लिए सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बनने में सक्षम बनाता है।