“यह लुप्त हो रहा है”: वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर कपिल देव ने आईसीसी को दी चेतावनी
कपिल देव ने लगातार उभरती हुई घरेलू लीग को लेकर भी चिंता जाहिर की।
अद्यतन - Aug 16, 2022 3:15 pm

पूर्व भारतीय कप्तान और महान ऑलराउंडर कपिल देव का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को वनडे क्रिकेट पर गौर करना चाहिए, क्योंकि इसे लेकर खिलाड़ियों में रूचि कम होते जा रही है, और साथ ही क्रिकेट बोर्ड केवल टेस्ट और T20I मैचों पर ज्यादा ध्यान दें रहे है।
उन्होंने आईसीसी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे अपने प्रबंधन पर ध्यान नहीं देते हैं, तो वो दिन ज्यादा दूर नहीं है, जब हमें देश एक-दूसरे के खिलाफ बहुत ही कम वनडे क्रिकेट खेलते हुए नजर आएंगे।
आईसीसी को वनडे क्रिकेट को बचाने पर ध्यान देना होगा: कपिल देव
कपिल देव ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड के हवाले से कहा: “मुझे लगता है कि वनडे क्रिकेट लुप्त हो रहा है। ऐसे में, यह अब आईसीसी की जिम्मेदारी है कि वे खेल के इस प्रारूप को कैसे मैनेज करते है। आईसीसी को वनडे क्रिकेट के भविष्य के बारे में सोचना ही होगा। दुनिया भर में खेल का यह प्रारूप यूरोप में फुटबॉल की तरह चल रहा है।
यूरोप हर देश के खिलाफ नहीं खेलते हैं बल्कि चार साल में एक बार वर्ल्ड कप के दौरान खेलते है। क्या वनडे क्रिकेट का भी यही हाल होने वाला है? क्या अब 50 ओवरों का प्रारूप केवल वर्ल्ड कप तक सीमित है, और बाकी समय हम टी-20 फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने वाले हैं?”
भारत के पहले वर्ल्ड कप विजेता कप्तान ने आगे कहा: “इसी तरह, क्या क्रिकेटर आने वाले समय में केवल आईपीएल या बिग बैश लीग या अन्य लीग में हिस्सा लेंगे? इसलिए आईसीसी को अब इस मामले पर विचार करना चाहिए और हल निकालना होगा कि वे कैसे न केवल फ्रेंचाइजी क्रिकेट, बल्कि वनडे क्रिकेट और टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व को जीवित रख सकते हैं। अब तक आईपीएल, बीबीएल, सीपीएल, पीएसएल जैसी लीग थी, लेकिन अब दक्षिण अफ्रीकी लीग आ रही है, यूएई लीग आ रही है। अगर सभी देश क्लब क्रिकेट खेलने जा रहे हैं, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट केवल वर्ल्ड कप तक ही सीमित हो जाएगा।”