गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट में नकारात्मक चीजों को बढ़ावा देने के लिए सौरव गांगुली को आड़े हाथों लिया
आईपीएल में स्पॉन्सरशिप का अधिकांश पैसा फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म से आता है।
अद्यतन - सितम्बर 20, 2022 10:01 पूर्वाह्न

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राजनेता गौतम गंभीर इस समय अपने बेधड़क और बेबाक बयानों के चलते चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में एमएस धोनी और विराट कोहली को भारतीय क्रिकेट का हीरो बनाने और अन्य खिलाड़ियों के योगदान को अनदेखा करने के लिए सोशल मीडिया फॉलोवर्स, मीडिया और प्रसारकों को खरी-खोटी सुनाई थी, और अब उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली पर निशाना साधा है।
गौतम गंभीर ने सौरव गांगुली की फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म को प्रमोट करने के लिए आलोचना की है, और कहा कि अगर बीसीसीआई (BCCI) के अध्यक्ष ऐसा करने से कतराते नहीं हैं, तो फिर खिलाड़ियों को इन्हे प्रमोट करने के लिए रोकना जायज नहीं है, क्योंकि बोर्ड का मुख्या ही खुद इसमें शामिल है।
आपको बता दें, एमएस धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे भारतीय दिग्गज भारत के अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान ड्रीम 11, एमपीएल और माई 11 सर्कल जैसे फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म को प्रमोट करते हुए नजर आते हैं, जिसके लिए गौतम गंभीर ने सौरव गांगुली की आलोचना की है।
यह सुधार सौरव गांगुली से शुरू होना चाहिए: गौतम गंभीर
दो बार के वर्ल्ड कप विजेता बल्लेबाज ने आगे कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में स्पॉन्सरशिप का अधिकांश पैसा फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म से आता है, और साथ ही कहा कि अगर मौजूदा बीसीसीआई (BCCI) अध्यक्ष इन फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म का विज्ञापन कर रहे हैं, तो अन्य खिलाड़ियों को ऐसा करने से रोकना असंभव है।
गौतम गंभीर ने इंडियन एक्सप्रेस के एक शो पर कहा: “अगर बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म को प्रोमोट कर रहे हैं, तो आप अन्य खिलाड़ियों से ऐसा करने से रोक नहीं सकते हैं। अगर बीसीसीआई के अध्यक्ष कहते हैं कि किसी को भी फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म को प्रोमोट करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, तो मुझे लगता है कि बोर्ड और भारतीय टीम से जुड़े सभी लोगों को इसका पालन करना चाहिए।
यह सुधार सौरव गांगुली से शुरू होना चाहिए। इसका एक ही उपाय है कि हमें इसे भारत में पूरी तरह से बैन कर देना चाहिए और किसी को भी इसका समर्थन करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि ये स्टेट वाइज नहीं हो सकता है। आईपीएल में ज्यादातर विज्ञापन और स्पोंसरशिप्स ड्रीम 11 जैसे फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म से होते हैं। यह बीसीसीआई का सामूहिक निर्णय होना चाहिए कि हमें ऐसा होने देना चाहिए या नहीं।”