तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह इरफान पठान को मानते हैं अपना गुरु - क्रिकट्रैकर हिंदी

तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह इरफान पठान को मानते हैं अपना गुरु

अर्शदीप अब तक टी-20 विश्व कप 2022 में खेले गए 4 मुकाबलों में 9 विकेट ले चुके हैं।

Arshdeep Singh and Irfan Pathan (Image Credit- Twitter)
Arshdeep Singh and Irfan Pathan (Image Credit- Twitter)

टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप में बुधवार 2 नवंबर को बांग्लादेश के खिलाफ जीत दर्ज कर सुपर 12 ग्रुप 2 में पहले पायदान पर पहुंच गई है। साथ ही विराट कोहली इस मैच में की अपनी तीसरी फिफ्टी जड़, टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। इसके अलावा अर्शदीप सिंह भी टीम इंडिया के लिए टूर्नामेंट में 9 विकेट निकाल चुके हैं।

हालांकि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट फैंस जसप्रीत बुमराह की चोट को लेकर काफी चिंतित थे, लेकिन 23 वर्षीय लेफ्ट हैंड गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने बुमराह की कमी महसूस नहीं होने दी है। साथ वह टी-20 विश्व कप 2022 में टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं।

बता दें कि अर्शदीप सिंह ने बांग्लादेश के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले में 12वें ओवर में शाकिब अल हसन और अफीफ हुसैन का विकेट निकाल भारत को मैच में वापिस लाने में मदद की थी। हालांकि वह टूर्नामेंट में थोड़े महंगे साबित हुए हैं लेकिन उनकी विकेट लेने की क्षमता अब तक शीर्ष पर रही है। और अर्शदीप ने गेंदबाज के रूप में अपने सुधार में बड़ी भूमिका निभाने के लिए अनुभवी खिलाड़ी इरफान पठान को श्रेय दिया है।

अर्शदीप ने पठान को लेकर कही ये बड़ी बात

अर्शदीप सिंह ने स्टार स्पोर्ट्स को दिए इंटरव्यू में इरफान पठान से बातचीत में बड़ा बयान दिया है। अर्शदीप ने कहा कि मैंने हमेशा YouTube पर आपकी गेंदबाजी के वीडियो देखे हैं और इससे मुझे बहुत मदद मिली है। मेरा फोकस हमेशा निरंतरता पर रहता है। आप अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत अधिक खराब गेंदें नहीं फेंक सकते।

अर्शदीप सिंह ने आगे कहा कि विरोधी टीम के बल्लेबाजों के पास उच्च क्षमता होती है। मैं हमेशा छह में से पांच या छह, अधिक से अधिक अच्छी गेंद करने की कोशिश करता हूं। मैं नई गेंद से और पुरानी गेंद से गेंदबाजी करते हुए ,अच्छा बनना चाहता हूं। मैं जरुरत के अनुसार विकेट लेना या रन बचाना चाहता हूं।

साथ ही अर्शदीप ने कहा कि पारस म्हाम्ब्रे ने मेरे साथ काम किया है, वे कहते हैं कि अगर मैं सीधे आता हूं तो मुझे अपनी लाइन के साथ और अधिक निरंतरता मिलेगी। पूरी टीम ने विश्व कप के लिए अच्छी तैयारी की है। हम पर्थ एक हफ्ता पहले ही पहुंच गए थे। सभी की लेंथ अलग-अलग होती है और हमें इसका खुद ही पता लगाना होता है

close whatsapp