दक्षिण अफ्रीका को लगा तगड़ा झटका, बेहतरीन ऑलराउंडर ड्वेन प्रिटोरियस ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (CSA) की रिपोर्ट के मुताबिक शानदार ऑलराउंडर ड्वेन प्रिटोरियस ने तत्काल प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है।
अद्यतन - Jan 9, 2023 2:31 pm

क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (CSA) की रिपोर्ट के मुताबिक शानदार ऑलराउंडर ड्वेन प्रिटोरियस ने तत्काल प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। बता दें, ड्वेन प्रिटोरियस ने दक्षिण अफ्रीका की ओर से 3 टेस्ट, 27 वनडे और 30 टी-20 मुकाबले खेले हैं।
3 टेस्ट में उन्होंने 13.83 के औसत और 50.92 के स्ट्राइक रेट से 83 रन बनाए हैं। 27 वनडे में उन्होंने 16 के औसत और 85.71 के स्ट्राइक रेट से 192 रन बनाए हैं। 30 टी-20 में उन्होंने 21.75 के औसत और 164.15 के स्ट्राइक रेट से 261 रन बनाए हैं। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में भी प्रतिभाग किया है। ड्वेन प्रिटोरियस ने 6 IPL मुकाबलों में 11 औसत और 157.14 के स्ट्राइक रेट से 44 रन बनाए हैं।
यही नहीं उन्होंने टेस्ट में 36 के औसत से 7 विकेट झटके हैं। वनडे में उन्होंने 27.06 के औसत से 35 विकेट हासिल किए हैं जबकि टी-20 में उन्होंने 19.89 के स्ट्राइक रेट से 35 विकेट अपने नाम किए हैं। ड्वेन प्रिटोरियस ने अपने इस फैसले को लेकर एक बयान साझा किया।
मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले रहा हूं: ड्वेन प्रिटोरियस
ड्वेन प्रिटोरियस ने अपने बयान में कहा कि, ‘कुछ दिन पहले मैंने अपनी क्रिकेटिंग करियर का सबसे मुश्किल फैसला लिया। मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले रहा हूं। जब मैं छोटा था तब मेरा यही सपना था कि मैं दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलूं। मुझे नहीं पता था कि यह कैसे होगा लेकिन ऊपर वाले ने मुझे टैलेंट दिया और उसी की वजह से आज मैं इस मुकाम पर पहुंच पाया हूं। बाकी सब अब उसके हाथ में है।’
ड्वेन प्रिटोरियस ने आगे कहा कि, ‘मैं अपना सारा फोकस टी-20 और बाकी छोटे प्रारूपों में करना चाह रहा हूं। मेरा यही मकसद है कि आप छोटे प्रारूप में मैं अच्छा प्रदर्शन करूं। ऐसा करने से मैं अपने करियर और अपने परिवार वालों की जिंदगी को और बेहतर कर सकूंगा। मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद कहना चाहता हूं जिन्होंने मेरे करियर में मेरा खूब साथ दिया।
खास तौर पर मैं फाफ डु प्लेसिस को धन्यवाद कहना चाहूंगा जिनकी वजह से मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार अपनी जगह टीम में बना पाया। उन्होंने मुझे एक अच्छा क्रिकेटर बनने में काफी मदद की।’