उमेश यादव के साथ हो गया बड़ा खेला, खुद के ही मैनेजर ने की 44 लाख रुपए की ठगी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामला शैलेश ठाकरे के नाम पर दर्ज किया गया है।
अद्यतन - जनवरी 21, 2023 7:22 अपराह्न

भारतीय टीम के दिग्गज तेज गेंदबाज उमेश यादव को उनके ही दोस्त से मैनेजर बने शैलेश ठाकरे ने 44 लाख रुपए की ठगी की। शैलेश ने उमेश यादव से महाराष्ट्र के नागपुर में उनके नाम पर प्लॉट खरीदने के नाम पर उनके साथ ये फ्रॉड किया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामला शैलेश ठाकरे के नाम पर दर्ज किया गया है। भारतीय तेज गेंदबाज ने उनके ऊपर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। रिपोर्ट्स की माने तो शैलेश उमेश यादव के दोस्त थे। वो कोराडी, महाराष्ट्र में रहते हैं। भारतीय तेज गेंदबाज ने ठाकरे को जुलाई 2014 में अपना मैनेजर बनाया। उस समय शैलेश बेरोजगार थे।
शैलेश ठाकरे उमेश यादव का बैंक अकाउंट संभालते थे: पुलिस अधिकारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शैलेश ठाकरे ने पहले तो उमेश यादव का भरोसा जीता। इसके बाद उन्होंने भारतीय क्रिकेटर का पूरा फाइनेंस जैसे बैंक अकाउंट, इनकम टैक्स आदि चीजों को भी संभाला।
NDTV के मुताबिक अधिकारियों ने FIR के मुताबिक बताया कि, ‘ठाकरे ने बिना समय व्यतीत किए पहले तो यादव का भरोसा जीता। इसके बाद वो उनका पूरा फाइनेंस संभालने लगे। शैलेश यादव का बैंक अकाउंट और इनकम टैक्स का पूरा काम संभालते थे।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि उमेश यादव नागपुर में एक प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे थे और उन्होंने इसको लेकर शैलेश से बात भी की थी।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि, ‘ ठाकरे ने एक बंजार इलाके में एक भूखंड का पता लगाया था। उन्होंने यादव से कहा कि वो उन्हें 44 लाख रुपए में मिल जाएगा। यादव ने 44 लाख रुपए ठाकरे के बैंक अकाउंट में डाल दिए। हालांकि ठाकरे ने वो प्लॉट अपने नाम पर ले लिया।
यादव को इस बात का पता नहीं था कि उनके साथ धोखा हो रहा है। जब उन्हें इस बात का पता चला तो भारतीय गेंदबाज ने शैलेश से पैसे वापस मांगे। यादव के मैनेजर ने उन्हें पैसा देने से मना कर दिया। यही नहीं उन्होंने घर भी यादव के नाम पर नहीं करवाया।
उमेश ने तुरंत कोराडी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात के लिए सजा) और 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति लेने के लिए प्रेरित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।