'कोहली ने साबित किया है कि टी-20 क्रिकेट तकनीक के साथ खेली जा सकती है'- आकाश चोपड़ा - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘कोहली ने साबित किया है कि टी-20 क्रिकेट तकनीक के साथ खेली जा सकती है’- आकाश चोपड़ा

आईपीएल के 15 सीजन में विराट कोहली ने 223 मैचों में 6624 रन बनाए हैं।

Virat Kohli Aakash chopra (Photo Source: Twitter)
Virat Kohli Aakash chopra (Photo Source: Twitter)

आईपीएल का 16वां सीजन 31 मार्च से फैंस के बीच दस्तक देने वाला है। भारतीय खिलाड़ी विराट कोहली ने साल दर साल अपने घातक बल्लेबाजी से लीग का रोमांच पूरी दुनिया में फैलाया है। विराट कोहली ने 19 साल की उम्र में आईपीएल खेलना शुरू किया था। आज 15 साल बाद विराट इस लीग की इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज के रूप में शुमार हैं।

विराट कोहली आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी है। आईपीएल के इस सीजन में विराट कोहली अपना कोहराम वापस से मचाने के लिए तैयार हैं। इसी बीच आईपीएल एक्सपर्ट जहीर खान, अनिल कुंबले, और आकाश चोपड़ा विराट कोहली के उपलब्धियों को लेकर बात करते हुए नजर आए।

विराट कोहली ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजी को फिर से परिभाषित किया है- आकाश चोपड़ा

विराट कोहली ने आईपीएल 2016 में 973 रन बनाए थे। जो अब तक किसी बल्लेबाज द्वारा एक सीजन में बनाए गए सबसे ज्यादा रन है। क्रिकेट कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का कहना है कि विराट कोहली ने 2016 आईपीएल में दुनिया को बताया है कि टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजी कैसी की जाती है।

आकाश चोपड़ा ने JioCinema Insider Preview पर बात करते हुए कहा, ‘विराट कोहली ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजी को फिर से परिभाषित किया है। उसने साबित किया है कि टी-20 क्रिकेट उचित टेक्निक के साथ खेली जा सकती है। इसके बावजूद सिर्फ एक या दो नहीं लेकिन उन्होंने चार शतक जड़े। वह सीजन शानदार था वह एक जुनूनी व्यक्ति है।’

19 साल के लड़के को मौका मिलना शानदार है- अनिल कुंबले

पूर्व भारतीय दिग्गज खिलाड़ी अनिल कुंबले शुरूआती सीजन में RCB स्क्वॉड का हिस्सा थे। शो में अनिल कुंबले ने विराट कोहली को लेकर बात करते हुए बताया कि, ‘अंडर-19 विश्व कप के चलते कई आईपीएल फ्रेंचाइजियों ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाया था। लेकिन विराट कोहली को पहले ही मैच में मौका मिला था क्योंकि वह अच्छा खेल दिखा रहे थे।’

‘जब 19 साल की उम्र में आप अच्छा करते हैं तो ड्रेसिंग रूम में कितने भी बड़े खिलाड़ी हो आप उसके बारे में नहीं सोचते। आप उस माहौल में ढल जाते हैं कि और ऐसा ही कुछ विराट के साथ हुआ। 2008 का सीजन हमारे लिए मुश्किल था लेकिन 2009 में हमने अच्छा खेल दिखाया। विराट वहां से आगे बढ़े और फिर टीम के कप्तान बने। 19 साल के खिलाड़ी के रूप में किसी भी टीम में जाना और मौका मिलना शानदार है।’

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