2018 में गेंद के साथ हुए छेड़छाड़ मामले पर मुझे बिल्कुल भी पछतावा नहीं है: डेविड वार्नर
3 जनवरी से पाकिस्तान के खिलाफ शुरू हो रहे तीसरे और अंतिम टेस्ट मुकाबले के बाद डेविड वार्नर अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे।
अद्यतन - जनवरी 1, 2024 4:35 अपराह्न

आज यानी 1 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत की। बता दें, 3 जनवरी से पाकिस्तान के खिलाफ शुरू हो रहे तीसरे और अंतिम टेस्ट मुकाबले के बाद डेविड वार्नर अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे।
यही नहीं डेविड वार्नर ने हाल ही में वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने का भी फैसला किया है। डेविड वार्नर ने ऑस्ट्रेलिया टीम की ओर से कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में काफी अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। यही नहीं ऐसे कई विवाद भी थे जिसमें डेविड वार्नर का नाम शामिल था। इनमें से एक 2018 का गेंद के साथ छेड़छाड़ करने का भी विवाद था।
इसी को लेकर डेविड वार्नर ने अपना पक्ष रखा। इंडिया टुडे के मुताबिक डेविड वार्नर ने कहा कि, ‘मुझे पूरी उम्मीद थी कि एक सवाल जरूर पूछा जाएगा। जब मैं अफ्रीका से निकला था पहले 5 या 6 लोग जो मेरे पास आए थे वो सब चर्च के पादरी थे और उन्होंने मुझे कार्ड दिया था। उसके बाद मैं अपनी पत्नी के साथ सिंगापुर में छुट्टी मनाने गया जहां एक बड़ा चर्च सम्मेलन था। मैं वहां बैठा और कैंडिस से बात की और कहा कि कोई ना कोई हमें ऊपर से जरूर देख रहा है।’
डेविड वार्नर ने आगे कहा कि, ‘अगर हम उस पूरे पीरियड को और मैं अपने करियर को देखेगा तो यही कहूंगा कि मुझे इस चीज का बिल्कुल भी पछतावा नहीं है। उतार-चढ़ाव सभी को काफी देखने को मिलते हैं और खेल के लिए मेरा जुनून सबसे ऊपर है। मैं हमेशा यही चाहता हूं कि ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट को पहले नंबर पर रखूं। जो भी बच्चा ऑस्ट्रेलिया के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखता है मैं यही चाहता हूं कि उसका सपना पूरा हो और उस समय भी मेरा यही मानना था।’
जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे लगता है कि इसे दूसरी तरीके से हैंडल किया जाना चाहिए था: डेविड वार्नर
ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा कि, ‘जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे लगता है कि इसे अलग तरीके से हैंडल किया जाना चाहिए था। लेकिन निक हॉकले ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और उसके बाद बोर्ड ने जो भी फैसला लिया मैं उससे काफी खुश हूं। मैं उससे आगे बढ़ चुका हूं। मुझे आईपीएल में भी टीम की कप्तानी करने का जिम्मा मिला और अब मैं ILT20 में भी कप्तानी करने जा रहा हूं।
हालिया समय की बात की जाए तो मैंने यही सीखा है कि कप्तानी के बैच से कुछ नहीं होता है। आपको बस अपना खेल अच्छा रखना चाहिए। यही नहीं एक इंसान के रूप में भी आपको काफी अच्छा होना चाहिए चाहे आप मैदान के अंदर हो या बाहर।’