दिव्यांग लोगों का मजाक उड़ाना युवराज, हरभजन और रैना को पड़ गया भारी, तीनों ही खिलाड़ियों के खिलाफ FIR हुई दर्ज
विश्व चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी ने कहा कि यह वीडियो बेहद खराब मिसाल कायम करता है।
अद्यतन - जुलाई 16, 2024 2:12 अपराह्न

इंडिया चैंपियंस ने वर्ल्ड चैंपियनशिप लीजेंड्स के फाइनल में पाकिस्तान चैंपियंस को पांच विकेट से हराया और इस शानदार टूर्नामेंट की ट्रॉफी को अपने नाम किया। मैच खत्म होने के बाद ड्रेसिंग रूम में इंडिया चैंपियंस के खिलाड़ी युवराज सिंह, हरभजन सिंह और सुरेश रैना ने जीत का सेलिब्रेशन कुछ इस तरीके से किया कि अब इन तीनों ही खिलाड़ियों के FIR दर्ज हो गई है।
दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रही थी जिसमें देखा जा सकता था कि युवराज सिंह, हरभजन सिंह और सुरेश रैना दिव्यांग लोगों की तरह चल रहे हैं। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर आने के बाद तमाम लोगों का कहना था कि तीनों ही दिग्गज खिलाड़ियों ने दिव्यांग लोगों का मजाक उड़ाया है।
वीडियो में युवराज सिंह, हरभजन सिंह और रैना लंगड़ाते हुए और अपनी पीठ पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे पता चलता है कि मैच के कारण उनके शरीर पर कितना शारीरिक असर पड़ा है।
अब भारतीय पैरा ऐथलीट्स ने पूर्व क्रिकेटर्स पर दिव्यांगों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया है। विश्व चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी ने कहा कि यह वीडियो बेहद खराब मिसाल कायम करता है। वीडियो को लेकर बढ़ते विवाद के बीच हरभजन सिंह ने ‘X’ पर अपनी सफाई दी और कहा कि उनकी मंशा किसी का अपमान करना नहीं था। नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ एम्प्लॉइमन्ट फॉर डिसएबल्ड (NCPEDP) के अध्यक्ष अरमान अली ने शिकायत में इंस्टाग्राम का स्वामित्व रखने वाली मेटा पर ऐसी सामग्री पोस्ट कर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
युवराज सिंह, सुरेश रैना और हरभजन सिंह के खिलाफ एफआईआर हुई दर्ज
अरमान अली ने लिखा कि, ‘यह पूरी हरकत कैजुअल एंटरटेनमेंट की आड़ में की गई है। हम मैटर इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर संध्या देवनाथन के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करना चाहते हैं क्योंकि यह प्लेटफॉर्म सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 का भी उल्लंघन कर रहा है, क्योंकि इस तरह के कंटेंट को उनके प्लेटफॉर्म, इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने की अनुमति देकर यह प्लेटफॉर्म 2000 का उल्लंघन कर रहा है।
वीडियो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है जो प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा के साथ जीवन का अधिकार देता है और विकलांग व्यक्ति अधिनियम 2016 के अधिकार की धारा 92 का भी उल्लंघन करता है।’