"दो-तीन डॉट गेंदों के बाद बड़े शॉट...", भारतीय बल्लेबाजों की मानसिकता पर सुनील गावस्कर बुरी तरह भड़के - क्रिकट्रैकर हिंदी

“दो-तीन डॉट गेंदों के बाद बड़े शॉट…”, भारतीय बल्लेबाजों की मानसिकता पर सुनील गावस्कर बुरी तरह भड़के

भारतीय बल्लेबाजों की मानसिकता को लेकर दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने बड़ा बयान दिया है।

Sunil Gavaskar & Team India (Photo Source: X)
Sunil Gavaskar & Team India (Photo Source: X)

न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया के बल्लेबाजों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। पूरी सीरीज में बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ संघर्ष करते रहे और तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी वे कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने सीरीज में क्रमशः 91 और 93 रन बनाए।

वहीं, ऋषभ पंत, शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और सरफराज खान अच्छे फॉर्म में तो नजर आए लेकिन कंसिस्टेंसी के साथ रन नहीं बना पाए। टीम इंडिया 22 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने वाली है।

सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय बल्लेबाजों का फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। इस बीच, भारतीय बल्लेबाजों की मानसिकता को लेकर पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि टेम्परामेंट में समस्या थी, जिसके कारण टीम को सीरीज में हार में मिली।

टेम्परामेंट की समस्या अधिक है- सुनील गावस्कर

सुनील गावस्कर का मानना है कि खिलाड़ियों की मानसिकता यह है कि अगर वे कुछ डॉट गेंदें खेलते हैं तो वे एरियल शॉट खेलने लगते हैं, जिसकी रेड बॉल वाले क्रिकेट में जरूरत नहीं होती। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जोखिम उठाने की मानसिकता के कारण भारती जल्दी-जल्दी विकेट खो रहा है।

सुनील गावस्कर ने इंडिया टूडे पर बात करते हुए कहा,

निश्चित रूप से टेम्परामेंट की समस्या अधिक है क्योंकि अब टेम्परामेंट ऐसा है और यह फिर से व्हाइट-बॉल की विरासत है। क्या दो या तीन डॉट बॉल हैं? हमें गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करनी होगी। इसलिए बड़े शॉट के लिए जाएं, अगर यह शानदार हो तो एरियल शॉट के लिए जाएं। लेकिन जहां गेंद कुछ कर रही है, वहां ये संभावनाएं बहुत कम हैं। इसलिए जब टेक्निक मौजूद है, तो इसका टेम्परामेंट यह सोच रहा है कि मैं ऐसा कर सकता हूं क्योंकि बाउंड्री छोटी हैं। बल्ले बहुत अच्छे हैं, खिलाड़ी भी मजबूत हैं, इसलिए हम इसे स्टैंड में पहुंचा सकते हैं।

आपको बता दें, रोहित शर्मा एंड कंपनी को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के पांच में से चार मुकाबलों में जीत दर्ज करनी जरूरी है।

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