R Ashwin BGT 2024-25

न जडेजा, न सुंदर, पर्थ टेस्ट में इस स्पिनर को मिलेगा मौका, कंगारू बल्लेबाजों की बढ़ी टेंशन

पर्थ टेस्ट में भारतीय टीम सिर्फ एक ही स्पिनर के साथ उतर सकती है।

Team India (Photo Source: Getty Images)
Team India (Photo Source: Getty Images)

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत 22 नवंबर से हो रही है, जहां सीरीज का पहला टेस्ट मैच पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेला जाएगा। इस टेस्ट मैच को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। दरअसल, टीम इंडिया के ऑफ स्पिनर आर अश्विन को पहले टेस्ट मैच में मौका मिल सकता है। ऐसा क्यों हो सकता है? इसके पीछे का कारण भी हम आपको बताते हैं।

दरअसल, ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग लाइनअप में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और बाएं हाथ के स्पिनर के खिलाफ उनका रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। उस्मान ख्वाजा, ट्रैविस हेड और एलेक्स कैरी तीन ऐसे बड़े खिलाड़ी हैं जिनसे हाई-वोल्टेज पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। ऐसे में इनके खिलाफ अश्विन कारगर साबित हो सकते हैं।

पर्थ टेस्ट मैच में R Ashwin को मिल सकता है मौका

अश्विन का रिकॉर्ड स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशेन के खिलाफ भी अच्छा है। इसके अलावा वे युवा बल्लेबाज नाथन मैकस्वीनी को भी परेशान कर सकते हैं। यही वजह है कि अश्विन को सुंदर और जडेजा से पहले मौका मिलने की उम्मीद है। वहीं, अगर तेज गेंदबाजी की बात करें तो जसप्रीत बुमराह के साथ मोहम्मद सिराज नजर आएंगे। तीसरे पेसर आकाश दीप या प्रसिद्ध कृष्णा हो सकते हैं।

चौथे तेज गेंदबाज के तौर पर ऑलराउंडर नितीश रेड्डी को मौका दिया जा सकता है, जो पेस बॉलिंग के साथ-साथ बैटिंग में भी मजबूती देंगे। हालांकि, जडेजा और सुंदर को मौका नहीं देने से टीम इंडिया की बैटिंग कमजोर हो सकती है, क्योंकि अश्विन की तुलना में जडेजा और सुंदर अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं।

आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया की पिचें स्पिनर्स के लिए उतनी अनुकूल नहीं होती है। ऑस्ट्रेलिया में अश्विन के रिकॉर्ड पर एक नजर डालें तो 10 टेस्ट मैचों में तमिलनाडु के स्पिनर ने 42.15 की औसत से 39 विकेट लिए हैं, जो किसी विशेष देश में उनका दूसरा सबसे कम औसत है। इससे आप ये अंदाजा लगा सकते हैं कि स्पिनर्स के लिए वहां विकेट निकालना कितना मुश्किल हो जाता है।

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