“अरे भाई! मैं किधर भी जा नहीं रहा हूं”- संन्यास वाली खबरों को लेकर Rohit Sharma ने दिया बड़ा बयान
सिडनी टेस्ट मैच में नहीं खेल रहे हैं रोहित शर्मा।
अद्यतन - Jan 4, 2025 10:00 am

टीम इंडिया के नियमित कप्तान रोहित शर्मा ने यह साफ कर दिया है कि सिडनी टेस्ट से बाहर बैठने का मतलब यह नहीं है कि वह रिटायरमेंट लेने वाले हैं। हिटमैन ने इसी के साथ यह भी बताया कि पांचवां और आखिरी मुकाबला ना खेलने का फैसला उन्होंने ही अपनी खराब फॉर्म को देखते हुए लिया था। रोहित के सिडनी टेस्ट से बाहर होने के बाद उनके संन्यास की खबरें आने लगी थी और उन सभी अफवाहों पर अब हिटमैन ने पूर्ण विराम लगा दिया है।
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास को लेकर बोले Rohit Sharma
दूसरे दिन लंच ब्रेक के दौरान स्टार स्पोर्ट्स पर इरफान पठान और जतिन सप्रू को दिए इंटरव्यू में रोहित शर्मा से संन्यास को लेकर पूछा गया। रोहित ने कहा- ये जो फैसला है, वह संन्यास का नहीं है और न ही मैं पीछे हटने वाला हूं इस प्रारूप से। सिडनी टेस्ट से मैं बाहर हुआ हूं क्योंकि बल्ला नहीं चल रहा है। कोई गारंटी नहीं है कि पांच महीने के बाद बल्ला नहीं चलेगा…कोई गारंटी नहीं है कि दो महीने के बाद बल्ला नहीं चलेगा।
क्रिकेट में हम सबने देखा है कि हर सेकंड, हर क्षण जिंदगी बदलती है। मुझे अपने आप पर विश्वास है कि चीजें बदलेंगी। हालांकि, मुझे इस क्षण में क्या जरूरी है, उस पर भी ध्यान देना था। कोई क्या बोल रहा (संन्यास कि रिपोर्ट्स) उससे हमारी जिंदगी नहीं बदलती है। ये लोग फैसला नहीं ले सकते कि हम कब संन्यास लें, हम कब नहीं खेलें, हमें कब बाहर बैठना है या हम कब कप्तानी करें।
समझदार व्यक्ति हूं, मैच्योर हूं..दो बच्चों का बाप हूं, तो मेरे पास थोड़ा दिमाग है कि मुझे जिंदगी में क्या चाहिए। जो कुछ भी लिखा जा रहा है वह हमारे कंट्रोल में नहीं है और जिस चीज पर हम कंट्रोल नहीं कर सकते, उस पर ध्यान देकर कुछ होने वाला नहीं है। होने दो यार..क्या कर सकते हैं! अपना गेम खेलो और ध्यान दो कि आपको कैसे जीतना है, उससे ज्यादा हम क्या कर सकते हैं।
मैं कहीं जा नहीं रहा हूं- Rohit Sharma
जारी सीरीज को लेकर हिटमैन ने कहा कि, मुझे अपने आप पर शक नहीं करना है। मुझे पता है कि जो मैं कर रहा हूं, वो सही है। वो गलत भी हो सकता है, लेकिन आपको खुद पर विश्वास होना चाहिए। इसका ये मतलब थोड़ी है कि आपकी सोच खराब है। हम थोड़ी चाहते हैं कि मैदान पर जाकर मैच हारें। ऐसा कौन सोचता है। सभी मैदान पर जाकर जीतना चाहते हैं।
जिस तरह के ऑस्ट्रेलियाई फैंस मैच देखने आते हैं, हमें उनका मुंह बंद कराना है। कौन सी टीम यहां आकर दो बार सीरीज जीती है? आप मुझे बताओ। हमारे लिए सुनहरा मौका है ट्रॉफी रिटेन करने का, हम सीरीज जीत तो नहीं सकते, लेकिन ड्रॉ कर सकते हैं। उनको भी नहीं जीतने देना है। तीन बार ऑस्ट्रेलिया आकर अगर हम सकारात्मक नतीजे लेकर घर जाते हैं तो इससे शानदार कुछ नहीं होगा। (आखिर में रोहित ने जाते-जाते अपने अंदाज में कहा- अरे भाई! मैं किधर भी जा नहीं रहा हूं।)