“उन्होंने मुझे मां-बहन की गाली दी”- एक बार फिर गौतम गंभीर को लेकर मनोज तिवारी ने दिया विवादित बयान
मनोज तिवारी और गौतम गंभीर का झगड़ा साल 2013 में आईपीएल के दौरान शुरू हुआ था।
अद्यतन - जनवरी 24, 2025 9:15 पूर्वाह्न

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी और टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर…. ये लड़ाई पुरानी है। मनोज तिवारी इस समय भारतीय क्रिकेट सेटअप से दूर हैं, लेकिन गौतम गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच हैं। मनोज तिवारी ने अब वह किस्सा बताया है, जहां से दोनों के बीच अनबन शुरू हुई, जो एक समय पर गाली-गलौज में बदली और हाथापाई तक पहुंचने वाली थी।
मनोज तिवारी ने हाल ही में लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में बताया कि साल 2013 के आईपीएल के दौरान उनकी अनबन गौतम गंभीर से हुई थी। उस समय वे कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम के कप्तान थे। मनोज तिवारी ने बताया कि 2025 में रणजी मैच में उनके और गंभीर के बीच झगड़ा हुआ था, जिसकी शुरुआत 2013 के आईपीएल में हुई थी।
Manoj Tiwary ने एक बार फिर गौतम गंभीर को लेकर दिया बड़ा बयान
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने बताया, “वो पहले से ही गुस्से में थे, क्योंकि इससे पहले KKR में मेरी उनसे लड़ाई हो चुकी थी। ऐसा इसलिए था, क्योंकि KKR में मेरा बैटिंग ऑर्डर लगातार नीचे जा रहा था और उस समय भारतीय टीम में मेरी जगह पक्की नहीं हुई थी। जो भी विदेशी टीम आती थी, उसके खिलाफ फ्रेंडली मैचों में मुझे मौका मिला था। ऐसे ही एक मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैं हाइएस्ट स्कोरर था। मैंने 129 रन बनाए थे और उन्होंने 105 रन बनाए थे। उस मैच में भी वो भड़क गए। पारी खत्म हुई तो उसके बाद फील्डिंग के लिए जाना था। मैं सन्सक्रीम लगा रहा था तो अचानक से वो भड़क गए। क्या कर रहा है तू? चल जल्दी नीचे चल।”
तिवारी ने आगे बताया, “इस अनबन के बाद से मैं अपसेट था। ईडन गार्डेन्स में एक मैच के दौरान इनिंग खत्म होने के बाद जैसे ही मैं वॉशरूम गया। वो पीछे से आ गए और बोलने लगे तेरा ये एटीट्यूड नहीं चलेगा। तुझे ऐसा कर दूंगा कि तुझे कभी खिलाउंगा नहीं। वो सीनियर थे। मैं उनकी रेस्पेक्ट करता था, लेकिन इस बार मैं भड़क गया और मैंने कहा कि गौती भाई ये नहीं चलेगा। फिर वसीम अकरम (केकेआर के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा थे) आ गए बीच में…तो उस दिन रुक गया, नहीं तो हाथापाई हो जाती।”
मनोज तिवारी के मुताबिक, गौतम गंभीर ने उनको मां-बहन की गालियां दीं। मनोज तिवारी ने आगे बताया कि वो गार्ड लेने (बल्लेबाजी के लिए तैयार) की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इस दौरान गौतम गंभीर को लगा कि वो टाइम वेस्ट कर रहे हैं। उन्होंने बताया, “जैसे ही मैंने लेग गार्ड लिया। वे स्लिप पर थे। स्लिप से उन्होंने गाली देने शुरू की। ऐ
सी गाली जिसके बारे में बताया नहीं जा सकता। मां बहन की गाली और गाली मैंने कभी ली नहीं किसी से। फिर भी मैंने अपना टेंपर कंट्रोल करके बोला गौती भाई गाली क्यों दे रहे हो? गाली देते-देते उन्होंने कहा शाम को मिल…मैं तुमको मारता हूं। फिर मैंने कहा शाम को क्यों अभी मार लो। आ जाओ। हो जाए। फिर थोड़े ना हाथ उठा सकता है वो। फिर अंपायर ने आकर बीच-बचाव किया।”