आकिब नबी बोले - मेरी सफलता के पीछे इरफान पठान का हाथ, उन्होंने ही पहली बार कहा था ‘कलाई पर काम करो’

आकिब नबी बोले – मेरी सफलता के पीछे इरफान पठान का हाथ, उन्होंने ही पहली बार कहा था ‘कलाई पर काम करो’

उन्होंने मुझे गेंदबाजी से जुड़े कई उपयोगी टिप्स दिए। वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने मुझे अपनी कलाई पर काम करने और कुछ भी न बदलने के लिए कहा था - नबी ने कहा।

Irfan Pathan (Image Credit - Twitter X)
Irfan Pathan (Image Credit – Twitter X)

जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी इन दिनों अपनी शानदार गेंदबाजी के कारण सुर्खियों में हैं। औकिब नबी का यह बयान टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में आया था।

उन्होंने हाल ही में अपने प्रदर्शन का श्रेय पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान को दिया है। नबी ने बताया कि इरफान उनके करियर में एक अहम मोड़ साबित हुए। उन्होंने कहा, जब मैं रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया, तब इरफान पठान हमारे साथ थे।

उन्होंने मुझे गेंदबाजी से जुड़ी कई अहम बातें सिखाईं। उन्होंने ही सबसे पहले मुझे कहा कि अपनी कलाई पर काम करो, बाकी कुछ मत बदलो। उनके बाद हमारे पास कोई गेंदबाजी कोच नहीं था, हम अपने दम पर आगे बढ़े।

इरफान पठान की सीख से नबी बने स्विंग के बादशाह

नबी ने बताया कि शुरूआत में वे केवल आउटस्विंग गेंद फेंकते थे, लेकिन बाद में इनस्विंग पर ध्यान देने लगे। इस प्रक्रिया में उन्होंने आउटस्विंग खो दी, लेकिन इनस्विंग बेहतर हो गई। कुछ सीजन बाद उन्हें लगा कि सिर्फ एक दिशा में स्विंग करने से काम नहीं चलेगा।

तब उन्होंने अपनी कलाई की स्थिति और गेंद की लंबाई पर काम करना शुरू किया। उन्होंने कहा, पिछले एक दो सालों से मैंने चीज़ों को बहुत सरल रखा है। अब मुझे दोनों दिशाओं में गेंद स्विंग कराने में महारत हासिल हो गई है, इसलिए विकेट भी ज़्यादा मिल रहे हैं।

इरफान पठान के बाद जम्मू-कश्मीर टीम के पास कोई स्थायी गेंदबाज़ी कोच नहीं था। लेकिन पिछले दो सालों में पी. कृष्ण कुमार के आने से नबी को काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि कृष्ण कुमार की कोचिंग ने उनकी गेंदबाजी को और निखारा है।

नबी ने इस सीज़न में अब तक 17 विकेट झटके हैं, जिनमें दो पाँच पाँच विकेट की शानदार पारियाँ शामिल हैं। राजस्थान के खिलाफ उन्होंने जबरदस्त गेंदबाजी करते हुए दूसरी पारी में 7 विकेट लेकर 24 रन दिए और कुल दस विकेट हासिल किए। उनके इस प्रदर्शन से राजस्थान की पूरी शीर्ष क्रम ढह गई।

उन्होंने अजिंक्य रहाणे, सरफराज़ खान, मुशीर खान (दो बार) और सिद्धेश लाड जैसे बड़े बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजा है। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन ने भी उन पर लगातार भरोसा जताया और उनके विकास में निवेश किया जो अब शानदार नतीजे दे रहा है। नबी का मानना है कि मेहनत, धैर्य और सही मार्गदर्शन ने उनके करियर को नई दिशा दी है।

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