मदन लाल ने बढ़ाया मदद का हाथ, रणजी में शर्मनाक हार के बाद दिल्ली टीम को कोच करने का दिया ऑफर

मदन लाल ने बढ़ाया मदद का हाथ, रणजी में शर्मनाक हार के बाद दिल्ली टीम को कोच करने का दिया ऑफर

मदन लाल ने दिल्ली टीम की गिरती स्थिति पर जताई नाराजगी, कहा- दिल्ली क्रिकेट को नीचे नहीं जाने दूंगा

Madan Lal (Image Credit - Twitter X)
Madan Lal (Image Credit – Twitter X)

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर और 1983 विश्व कप विजेता मदन लाल ने दिल्ली रणजी टीम की खराब शुरुआत के बाद मदद का हाथ बढ़ाया है। जम्मू-कश्मीर के खिलाफ ऐतिहासिक हार के बाद उन्होंने टीम को संभालने की पेशकश की है।

यह पहली बार था जब दिल्ली को रणजी ट्रॉफी के 65 साल के इतिहास में जम्मू-कश्मीर से हार का सामना करना पड़ा। 72 वर्षीय मदन लाल, जिन्होंने 18 सीजन तक दिल्ली की ओर से खेला, टीम की मौजूदा हालत से काफी निराश हैं।

जम्मू-कश्मीर से ऐतिहासिक हार के बाद मदन लाल बोले

दिल्ली की हार के बाद मदन लाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, अगर दिल्ली क्रिकेट को मेरी मदद की जरूरत है, तो मैं खुशी-खुशी करूंगा। मैंने 18 साल दिल्ली के लिए खेला है, मैं इसे नीचे जाते नहीं देख सकता।

मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने दिल्ली को सात विकेट से हरा दिया। यह हार दिल्ली की लगातार कमजोर प्रदर्शन, तीन ड्रॉ मैचों और अंदरूनी विवादों के बीच आई है। दिल्ली की टीम इस समय ग्रुप ‘डी’ में छठे स्थान पर है, केवल पुडुचेरी और हिमाचल प्रदेश से आगे।

मैच की बात करें तो दिल्ली पहली पारी में 211 रन पर सिमट गई। आयुष बडोनी और आयुष दोसेजा ने अर्धशतक जमाए, लेकिन औक़िब नबी ने 5 विकेट लेकर दिल्ली की पारी तोड़ दी।

जवाब में जम्मू कश्मीर ने कप्तान पारस डोगरा (106) और अब्दुल समद (85) की बदौलत 310 रन बनाए और 99 रनों की बढ़त ली। दिल्ली की दूसरी पारी में भी वही पुरानी कहानी दोहराई गई 244/3 से टीम 277 पर ढेर हो गई। वंशज शर्मा ने 6 विकेट झटके।

लक्ष्य था 179 रन, जिसे जम्मू-कश्मीर के ओपनर कमरान इकबाल ने 133 रन की नाबाद पारी खेलकर आसानी से हासिल कर लिया। यह जीत जम्मू-कश्मीर क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े क्षणों में से एक बन गई।

दिल्ली की लगातार गिरती स्थिति और चयन नीति पर अब सवाल उठ रहे हैं। कई पूर्व खिलाड़ियों ने सरनदीप सिंह को हेड कोच बनाए रखने के फैसले पर भी नाराजगी जताई है। मदन लाल, जिन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 10,000 से ज्यादा रन और 625 विकेट लिए, अब टीम को दोबारा पटरी पर लाने की इच्छा जता रहे हैं।

उनकी यह पेशकश न सिर्फ एक पूर्व खिलाड़ी का दर्द दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि दिल्ली क्रिकेट को अब अनुभवी मार्गदर्शन की कितनी सख्त जरूरत है।

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