IND vs SA 2025: 'मोर्ने मोर्केल अब दुश्मन हैं' कोलकाता टेस्ट मैच से पहले बोले ग्रीम स्मिथ

IND vs SA 2025: ‘मोर्ने मोर्केल अब दुश्मन हैं’ कोलकाता टेस्ट मैच से पहले बोले ग्रीम स्मिथ

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला का पहला मैच 14 नवंबर को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा

Morne Morkel (Image Credit- Twitter/X)
Morne Morkel (Image Credit- Twitter/X)

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ की शुरुआत इस शुक्रवार 14 नवंबर को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में हो रही है। दोनों ही टीमें इस महत्वपूर्ण श्रृंखला के लिए ज़बरदस्त तैयारियां करते हुए नज़र आई हैं। इसी बीच पूर्व प्रोटियाज कप्तान ग्रीम स्मिथ ने अपने पुराने साथी खिलाड़ी मोर्ने मोर्केल पर मज़ाकिया अंदाज़ में निशाना साधा।

मोर्केल इस सीरीज़ में भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच के रूप में काम कर रहे हैं। हाल ही में मुंबई में आयोजित एक SA20 कार्यक्रम में स्मिथ ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, “मोर्ने मोर्केल अब दुश्मन हैं।” यह बयान सीरीज़ में एक दिलचस्प मोड़ लाता है, क्योंकि मोर्केल अब अपनी पुरानी टीम की कमज़ोरियों को भारतीय खिलाड़ियों के साथ साझा कर रहे होंगे, और उनका सामना करने की रणनीति बना रहे होंगे।

इस मज़ाक के बावजूद, स्मिथ को भारतीय सरजमीं पर अपनी टीम के अच्छा प्रदर्शन करने पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईडन गार्डन्स सीरीज़ की शुरुआत के लिए एक शानदार वेन्यू है।

स्मिथ को फिरकी गेंदबाज़ों पर है पूरा विश्वास

44 वर्षीय स्मिथ ने मुंबई में आयोजित इवेंट के दौरान एनडीटीवी स्पोर्ट्स के सौजन्य से बताया कि उन्हें दक्षिण अफ्रीका के फिरकी आक्रमण की ताक़त पर पूर्णतः विश्वास है, जिसमें उन्होंने अनुभवी केशव महाराज और सेनुरन मुथुस्वामी का नाम लिया। स्मिथ ने कहा, “टेस्ट मैच में 20 विकेट लेना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। हमारे पास जो दो स्पिन विकल्प हैं, वे वाकई बेहतरीन हैं। मुझे अपनी टीम पर पूरा भरोसा है कि वे भारत को कड़ी टक्कर देंगे।”

उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज़ों के लिए जसप्रीत बुमराह की चुनौती का सामना करने को महत्वपूर्ण बताया, और वहीं दूसरी ओर भारत के लिए विस्फोटक तेज़ गेंदबाज़ कगिसो रबाडा का सही ढंग से सामना करना और शुरुआती दौर में उन्हें सम्मान देना महत्वपूर्ण रहेगा।

फाफ डु प्लेसिस ने दिया बड़ा बयान

इस कार्यक्रम में उनके साथ मौजूद पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि इस छोटी श्रृंखला में मज़बूत शुरुआत करना अति-आवश्यक है, क्योंकि शुरुआती गति से बाकी सीरीज आसान हो जाती है। डु प्लेसिस ने इस बात पर अफ़सोस जताया कि यह केवल दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला है, जबकि उनका मानना है कि टेस्ट सीरीज कम से कम तीन मैचों की होनी चाहिए।

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