कप्तान बनने के लिए इंग्लिश बोलना जरूरी नहीं, लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी: अक्षर पटेल
अक्षर पटेल ने कहा, भाषा नहीं बल्कि सोच बनाती है लीडर
अद्यतन - Nov 13, 2025 12:59 pm

टीम इंडिया के ऑलराउंडर अक्षर पटेल का मानना है कि किसी खिलाड़ी की कप्तानी योग्यता का अंदाजा उसकी अंग्रेजी बोलने की क्षमता से नहीं लगाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि कप्तान का असली काम अपनी टीम और खिलाड़ियों को समझना होता है, न कि सिर्फ इंग्लिश बोलना।
अक्षर ने हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी की थी, जो उनका पहला पूरा सीजन बतौर कप्तान था। उन्होंने टीम को आईपीएल 2025 में पांचवें स्थान तक पहुंचाया और प्लेऑफ में जगह बनाने से बस थोड़ा पीछे रह गए। इसके बावजूद अक्षर को उनके शांत स्वभाव और समझदारी भरे फैसलों के लिए खूब सराहना मिली।
अक्षर ने हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस इंटरव्यू में कहा, लोग कहते हैं कि ये कप्तान बनने लायक नहीं है क्योंकि इसे इंग्लिश नहीं आती। अरे भाई, कप्तान का काम सिर्फ बोलना नहीं है। उसका काम है यह जानना कि कौन खिलाड़ी क्या कर सकता है, उसकी ताकत क्या है और कमजोरी क्या। कप्तान को ये समझना चाहिए कि किस समय किस खिलाड़ी से क्या काम करवाना है।
उन्होंने आगे कहा कि लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए। अगर कोई कहे कि कप्तान की पर्सनालिटी होनी चाहिए या इंग्लिश बोलनी आनी चाहिए, तो ये सिर्फ लोगों की सोच है। मैंने दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी की और लोगों ने तारीफ की। जब ऐसे और मौके मिलेंगे, तो लोगों की सोच भी बदलेगी। कप्तानी में भाषा कोई दीवार नहीं होनी चाहिए।
अक्षर पटेल हाल ही में भारत की टी20 टीम के उपकप्तान भी रहे हैं। हालांकि, एशिया कप 2025 से पहले उन्हें उस भूमिका से हटा दिया गया। वर्तमान में वे टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट में खेल रहे हैं और एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में जाने जाते हैं।
अब वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा हैं, जहाँ उन्हें रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर जैसे स्पिनरों से प्लेइंग इलेवन में प्रतिस्पर्धा करनी पड़ सकती है।
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