‘टेस्ट सीरीज तैयारी के लिए मेरे पास पूरा एक महीना होता था’ माॅर्डन डे क्रिकेट में रेड बाॅल क्रिकेट के चैलेंज पर बोले राहुल द्रविड़
द्रविड़ ने ये बयान हाल में ही रोहित शर्मा को लेकर एक बुक लाॅन्च के अवसर पर दिया
अद्यतन - जनवरी 28, 2026 12:59 अपराह्न

पूर्व भारतीय क्रिकेटर व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने हाल में ही माॅर्डन डे टेस्ट क्रिकेट को लेकर अपने विचार रखे हैं। द्रविड़ ने कहा कि आज के समय में बल्लेबाजों को तैयारी के लिए पूरा समय नहीं मिल पा रहा है। पूर्व भारतीय कोच ने यह बयान हाल में ही The Rise of the Hitman: The Rohit Sharma Story बुक लाॅन्च को लेकर बेंगलुरू में हुए एक कार्यक्रम के दौरान दिया।
उन्होंने भारतीय टीम के साथ अपने कार्यकाल के दौरान जिन खिलाड़ियों को कोचिंग दी थी, उनके साथ अपने अनुभव को लेकर टिप्पणी भी की। द्रविड़ जो खुद एक टेस्ट दिग्गज बल्लेबाज रहे, जिन्होंने अपने करियर के दौरान 13,288 टेस्ट रन बनाए ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने के लिए बहुत ज्यादा स्किल और लगातार प्रैक्टिस करने की जरूरत होती है, जो आज के समय में खिलाड़ियों को अधिक क्रिकेट की वजह से नहीं मिल पा रही है।
राहुल द्रविड़ ने रखा अपना पक्ष
द्रविड़ ने हाल में ही माॅर्डन डे टेस्ट क्रिकेट को लेकर ईएसपीएन क्रिकइंफो के हवाले से कहा- कई बार ऐसा होता था कि हमें टेस्ट मैच से तीन-चार दिन पहले ही इसकी जानकारी मिलती थी, और फिर जब हम टेस्ट मैच के लिए प्रैक्टिस शुरू करते थे, तब अगर आप देखें कि इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने आखिरी बार लाल गेंद कब खेली थी, तो शायद चार या पांच महीने पहले की बात होगी।
पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा- यह वाकई एक चुनौती बन गया है कि आप उन स्किल्स को विकसित करने के लिए समय कैसे निकालें जो कठिन हैं। टर्निंग पिचों पर खेलना, या सीमिंग विकेटों पर खेलना, टेस्ट मैच में घंटों तक लगातार खेलना आसान नहीं है। इसके लिए स्पेशल स्किल की आवश्यकता होती है। हमारे समय में तैयारी करने के लिए पूरा 1 महीना होता था।
द्रविड़ द्वारा कही गई ये बात कहीं ना कहीं आज के समय में बहुत प्रासंगिक भी लगती है। भारतीय क्रिकेट टीम को हाल के समय में टेस्ट क्रिकेट में अधिक सफलता नहीं मिली है। टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले ज्यादातर खिलाड़ी, तीनों फाॅर्मेट में एक्टिव हैं, जिस वजह से वह टेस्ट क्रिकेट के लिए स्पेशल स्किल इजाद करने के लिए समय नहीं निकाल पाते। घर पर न्यूजीलैंड के बाद साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज हार, इसका ताजा उदाहरण है।