भारत से मैच न खेलने पर पाकिस्तान पर बैन की मांग, पूर्व बीसीसीआई चीफ अनुराग ठाकुर ने की ICC से सख्त कार्रवाई की अपील
T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाक मुकाबले के बहिष्कार पर बढ़ा विवाद, ICC के फैसले पर टिकी निगाहें
अद्यतन - फरवरी 6, 2026 8:25 अपराह्न

आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज मुकाबला खेलने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
अनुराग ठाकुर ने इंडिया टुडे के हवाले से कहा कि भारत हमेशा से बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी करता आया है और क्रिकेट को आगे बढ़ाने में भारत की भूमिका बहुत अहम रही है। उन्होंने कहा कि भारत न सिर्फ बेहतरीन सुविधाएं देता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी वैश्विक क्रिकेट में बड़ा योगदान देता है। ऐसे में पाकिस्तान का इस तरह राजनीति करना गलत है।
भारत-पाक मैच के बहिष्कार से ICC पर बढ़ा दबाव, आर्थिक नुकसान की आशंका
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई टीम जानबूझकर भारत के खिलाफ खेलने से बच रही है, तो ICC को अपनी ताकत दिखानी चाहिए। अनुराग ठाकुर ने सुझाव दिया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को मिलने वाली ICC की ग्रांट रोकी जानी चाहिए और पाकिस्तान को कुछ सालों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बैन कर देना चाहिए, ताकि वह किसी भी देश के खिलाफ मैच न खेल सके।
वहीं, भारतीय टीम ने साफ कर दिया है कि वह टूर्नामेंट के तय कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। भारत की टीम कोलंबो जाएगी, अभ्यास करेगी और प्रेस कॉन्फ्रेंस समेत सभी औपचारिकताओं को पूरा करेगी। इसके बाद अंतिम फैसला मैच रेफरी द्वारा लिया जाएगा।
पाकिस्तान सरकार पहले ही बयान जारी कर चुकी है कि टीम टूर्नामेंट में तो खेलेगी, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाला ग्रुप मैच नहीं खेलेगी। बताया जा रहा है कि अगर यह मुकाबला नहीं होता है, तो ICC और ब्रॉडकास्टर्स को करीब 250 मिलियन डॉलर (लगभग 2200 करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है, क्योंकि भारत-पाकिस्तान मैच टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण होता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ICC पाकिस्तान की करीब 35 मिलियन डॉलर की रेवेन्यू हिस्सेदारी भी रोक सकता है। अब सबकी नजर ICC के फैसले पर टिकी है, जो जल्द ही इस पूरे मामले पर विचार कर सकता है।