IPL 2026: बेंच पर बैठे रह गए कई मैच विनर्स, हर टीम का वो 1 खिलाड़ी जो ज्यादा मौके का था हकदार

IPL 2026: बेंच पर बैठे रह गए कई मैच विनर्स, हर टीम का वो 1 खिलाड़ी जो ज्यादा मौके का था हकदार

अगर मिलते और मौके, तो IPL 2026 की तस्वीर बदल सकते थे ये नजरअंदाज किए गए मैच विनर

IPL 2026 (Image credit Twitter - X)
IPL 2026 (Image credit Twitter – X)

IPL 2026 का सीजन कई युवा खिलाड़ियों और नए सितारों के उभरने के लिए याद रखा जाएगा। जहां कुछ खिलाड़ियों ने लगातार मौके मिलने के बाद अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, वहीं कई ऐसे खिलाड़ी भी रहे जिन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिले। इन खिलाड़ियों ने जब भी मैदान पर कदम रखा, अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया और यह साबित किया कि वे अपनी टीम के लिए और बड़ा योगदान दे सकते थे।

टीम मैनेजमेंट अक्सर संतुलित प्लेइंग इलेवन और परिस्थितियों के हिसाब से खिलाड़ियों का चयन करता है, लेकिन कई बार कुछ प्रतिभाशाली खिलाड़ी इसी प्रक्रिया में पीछे रह जाते हैं। आइए जानते हैं IPL 2026 की सभी 10 टीमों के उन खिलाड़ियों के बारे में जिन्हें शायद इस सीजन और अधिक मौके मिलने चाहिए थे।

1. चेन्नई सुपर किंग्स – उर्विल पटेल

चेन्नई सुपर किंग्स का यह युवा विकेटकीपर बल्लेबाज सीमित अवसरों में अपनी छाप छोड़ने में सफल रहा। उर्विल पटेल ने सिर्फ सात मुकाबलों में 129 रन बनाए, लेकिन उनकी स्ट्राइक रेट 201.56 रही, जो उनके आक्रामक अंदाज को दर्शाती है।

उन्होंने सीजन का संयुक्त रूप से सबसे तेज अर्धशतक भी लगाया। CSK की बल्लेबाजी कई मौकों पर दबाव में नजर आई, ऐसे में उर्विल को और ज्यादा मैच खिलाया जा सकता था।

2. दिल्ली कैपिटल्स – आशुतोष शर्मा

आशुतोष शर्मा ने एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से प्रभावित किया। उन्होंने आठ मैचों में 171 रन बनाए और 180 से अधिक की स्ट्राइक रेट बनाए रखी। हालांकि, उन्हें अक्सर निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, जिससे उन्हें अपनी पारी बनाने का पर्याप्त समय नहीं मिला। अगर दिल्ली उन्हें ऊपरी क्रम में कुछ और अवसर देती, तो वह टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन कर सकते थे।

3. गुजरात टाइटंस – वॉशिंगटन सुंदर

वॉशिंगटन सुंदर ने बल्लेबाजी में शानदार योगदान दिया और 16 पारियों में 377 रन बनाए। उन्होंने कई बार टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। लेकिन उनकी गेंदबाजी का बहुत कम इस्तेमाल किया गया। पूरे सीजन में उन्होंने केवल पांच पारियों में गेंदबाजी की। एक अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर होने के बावजूद उन्हें गेंद से ज्यादा जिम्मेदारी नहीं मिली, जो कई क्रिकेट विशेषज्ञों को भी हैरान करने वाला फैसला लगा।

4. कोलकाता नाइट राइडर्स – सौरभ दुबे

सौरभ दुबे ने केवल चार मैच खेले, लेकिन उनमें पांच विकेट हासिल कर अपनी उपयोगिता साबित कर दी। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने नई गेंद और डेथ ओवरों दोनों में प्रभाव छोड़ा। KKR की गेंदबाजी पूरे सीजन में कई बार लय खोती नजर आई, ऐसे में दुबे को और अधिक मौके दिए जा सकते थे।

5. लखनऊ सुपर जायंट्स – अर्जुन तेंदुलकर

अर्जुन तेंदुलकर के लिए यह सीजन लगभग बेंच पर ही बीता। उन्हें सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला। हालांकि, उन्होंने घरेलू क्रिकेट और पिछले सीजन में अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया था। LSG की तेज गेंदबाजी कई मुकाबलों में संघर्ष करती दिखाई दी, इसलिए अर्जुन को कुछ और मैच देकर उनकी क्षमता का आकलन किया जा सकता था।

6. मुंबई इंडियंस – अश्विनी कुमार

मुंबई इंडियंस के युवा तेज गेंदबाज अश्विनी कुमार को जब भी मौका मिला, तब उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल तीन मैचों में छह विकेट चटकाए और 17 की बेहतरीन औसत से गेंदबाजी की। विकेट लेने की उनकी क्षमता ने कई क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया। इसके बावजूद उन्हें पूरे सीजन नियमित अवसर नहीं मिले।

7. पंजाब किंग्स – सूर्यांश शेडगे

सूर्यांश शेडगे पंजाब किंग्स के लिए एक प्रभावशाली फिनिशर बनकर उभरे। उन्होंने 7 मैचों में 158 रन बनाए और उनकी स्ट्राइक रेट 175.55 रही। हालांकि, ज्यादातर बार उन्हें अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। यदि उन्हें थोड़ी पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिलता, तो वह अपनी टीम के लिए और बड़े स्कोर बना सकते थे।

8. राजस्थान रॉयल्स – रवि बिश्नोई

राजस्थान रॉयल्स ने रवि बिश्नोई को बड़ी उम्मीदों के साथ टीम में शामिल किया था। लेकिन पूरे सीजन में उन्हें केवल नौ मैचों में मौका मिला। इसके बावजूद उन्होंने 11 विकेट हासिल किए और अपनी काबिलियत दिखाई। बिश्नोई की विकेट लेने की क्षमता को देखते हुए उन्हें और अधिक मैचों में खिलाया जा सकता था।

9. सनराइजर्स हैदराबाद – प्रफुल हिंगे

प्रफुल हिंगे IPL 2026 के सबसे बड़े सरप्राइज पैकेज में से एक रहे। उन्होंने सिर्फ सात मैचों में 14 विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया। उनका औसत 21.78 रहा, जो उनकी प्रभावशीलता को दर्शाता है। बावजूद इसके, टीम में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण उन्हें लगातार मौके नहीं मिले। उनके आंकड़े बताते हैं कि वह पूरे सीजन नियमित खेलने के हकदार थे।

10. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु – वेंकटेश अय्यर

RCB के लिए खेलते हुए वेंकटेश अय्यर को सिर्फ 7 मुकाबलों में मौका मिला। उन्होंने 209 रन बनाए और कई बार अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को गति दी। हालांकि, उन्हें लगातार मैच नहीं मिले, जिससे उनका प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ। अगर उन्हें नियमित तौर पर प्लेइंग इलेवन में रखा जाता, तो वह सीजन के प्रमुख रन-स्कोररों में शामिल हो सकते थे।

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