‘कुछ हद तक रोहित शर्मा जैसी’ शुभमन गिल की कप्तानी की तारीफ करते हुए अभिषेक नायर
भारतीय कप्तान की रणनीतिक सोच और बल्लेबाजी ने पूर्व कोच को किया प्रभावित
अद्यतन - जून 8, 2026 10:08 अपराह्न

भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में पारी और 300 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस मुकाबले में कप्तान शुभमन गिल ने बल्ले और नेतृत्व दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली पारी में 177 गेंदों पर 126 रन बनाए और टीम को 564/8 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
मैच के बाद भारत के पूर्व सहायक कोच और कोलकाता नाइट राइडर्स के मुख्य कोच अभिषेक नायर ने शुभमन गिल की कप्तानी की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि गिल एक सोच-समझकर फैसले लेने वाले कप्तान हैं। वह सिर्फ मैदान पर मिली परिस्थितियों के आधार पर नहीं, बल्कि पहले से की गई तैयारी के दम पर रणनीति बनाते हैं।
नायर के अनुसार, गिल हर मैच से पहले विरोधी टीम के खिलाड़ियों का गहराई से अध्ययन करते हैं। वह बल्लेबाजों और गेंदबाजों के वीडियो देखते हैं और उनकी कमजोरियों को समझने की कोशिश करते हैं। इसी वजह से उनके फैसलों में आत्मविश्वास और स्पष्टता नजर आती है।
रोहित शर्मा से की तुलना
अभिषेक नायर ने कहा कि गिल की कप्तानी में उन्हें पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की झलक दिखाई देती है। रोहित भी मैच से पहले काफी तैयारी करते थे और हर स्थिति के लिए अलग योजना बनाकर मैदान में उतरते थे।
नायर का मानना है कि गिल भी उसी तरह खेल को पढ़ते हैं और अपनी रणनीति के अनुसार गेंदबाजों को निर्देश देते हैं। यही गुण उन्हें एक बेहतर कप्तान बनाता है। नायर ने गिल की बल्लेबाजी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि गिल को बल्लेबाजी से बेहद लगाव है और वह हमेशा बड़ी पारी खेलने के बारे में सोचते हैं।
उनके मुताबिक, चाहे गिल शतक ही क्यों न बना लें, आउट होने के बाद उन्हें लगता है कि वे और ज्यादा रन बना सकते थे। यही भूख उन्हें लगातार बेहतर खिलाड़ी बना रही है।
कप्तानी ने निखारा खेल
नायर का मानना है कि कप्तानी की जिम्मेदारी ने गिल के खेल को और मजबूत बनाया है। अतिरिक्त दबाव ने उन्हें अधिक परिपक्व और जिम्मेदार खिलाड़ी बनाया है। उन्होंने कहा कि गिल तकनीकी रूप से बेहद मजबूत हैं और खेल को गहराई से समझते हैं।
अगर वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो आने वाले वर्षों में भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल हो सकते हैं। उनकी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है।