वैभव सूर्यवंशी के बचाव में उतरे साईराज बहुतुले, बोले- वह शांत स्वभाव का खिलाड़ी है

वैभव सूर्यवंशी के बचाव में उतरे साईराज बहुतुले, बोले- वह शांत स्वभाव का खिलाड़ी है

वैभव सूर्यवंशी पर उठे सवालों के बीच साईराज बहुतुले ने जताया भरोसा

Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter - X)
Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter – X)

भारत ए, श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के बीच खेली जा रही त्रिकोणीय सीरीज में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि, इस बार वजह उनकी बल्लेबाजी नहीं, बल्कि मैदान पर हुई एक विवादित घटना है।

श्रीलंका ए के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारत ए को सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा। मैच खत्म होने के बाद वैभव और श्रीलंका के खिलाड़ी विशेन हलाम्बागे के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद कई लोगों ने वैभव के व्यवहार की आलोचना की। वहीं कुछ लोगों का मानना था कि पूरी घटना को समझे बिना किसी एक खिलाड़ी को दोष देना सही नहीं है।

भारतीय टीम के नए स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने वैभव का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई।

बहुतुले के मुताबिक, वह वैभव को अच्छी तरह जानते हैं और उनकी नजर में वह काफी शांत और संतुलित स्वभाव के खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि कभी-कभी मैदान पर भावनाएं खिलाड़ियों पर हावी हो जाती हैं, खासकर तब जब मुकाबला बेहद रोमांचक हो और परिणाम निराशाजनक मिले।

सीखने की जरूरत पर जोर

बहुतुले ने कहा कि वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं और उनके सामने लंबा करियर पड़ा है। ऐसे में यह जरूरी है कि वह इस घटना से सीख लें। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत ए टीम के कोच और वरिष्ठ खिलाड़ी उन्हें सही मार्गदर्शन देंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि खेल भावना बनाए रखना हर खिलाड़ी की जिम्मेदारी होती है। केवल भारतीय खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि विरोधी टीम के खिलाड़ियों को भी मैदान पर अनुशासन का पालन करना चाहिए।

वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। आईपीएल और जूनियर क्रिकेट में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें खास पहचान दिलाई है। कम उम्र में मिली सफलता के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैभव अपनी भावनाओं पर बेहतर नियंत्रण रखना सीख जाते हैं, तो वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। फिलहाल सभी की उम्मीद है कि यह युवा खिलाड़ी इस घटना से सबक लेकर और अधिक परिपक्व होकर मैदान पर वापसी करेगा।

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