वैभव सूर्यवंशी ने चुना अपना टेनिस डबल्स पार्टनर, अभिषेक शर्मा पर जताया भरोसा
युवा स्टार ने विम्बलडन के मंच पर साझा किए दिलचस्प विचार
अद्यतन - जुलाई 13, 2026 4:09 अपराह्न

भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने खुलासा किया है कि अगर उन्हें कभी टेनिस में डबल्स मैच खेलने का मौका मिले, तो वह अपने क्रिकेट ओपनिंग पार्टनर अभिषेक शर्मा के साथ खेलना पसंद करेंगे। 15 वर्षीय वैभव हाल ही में विम्बलडन के पुरुष एकल फाइनल मुकाबले को देखने सेंटर कोर्ट पहुंचे थे, जहां उन्होंने शानदार माहौल का आनंद लिया।
जियोस्टार से बातचीत के दौरान वैभव से पूछा गया कि वह टेनिस डबल्स में किसे अपना साथी बनाना चाहेंगे। इस पर उन्होंने बिना देर किए अभिषेक शर्मा का नाम लिया। उनका कहना था कि दोनों क्रिकेट में ओपनिंग करते हैं और उनके बीच अच्छी समझ है, इसलिए टेनिस में भी यह जोड़ी सफल रह सकती है।
क्रिकेट की तरह टेनिस में भी दिखेगी तालमेल की उम्मीद
वैभव ने कहा कि उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ बल्लेबाजी करना काफी पसंद है। दोनों के बीच मैदान पर अच्छा तालमेल देखने को मिलता है और यही कारण है कि वह उन्हें टेनिस कोर्ट पर भी अपना साथी बनाना चाहेंगे। युवा बल्लेबाज का मानना है कि डबल्स मुकाबलों में आपसी समझ सबसे अहम होती है।
वैभव ने यह भी बताया कि वह पिछले चार से पांच वर्षों से टेनिस देख रहे हैं। शुरुआत में उन्होंने राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच दोनों को काफी करीब से फॉलो किया। हालांकि, मौजूदा समय में जोकोविच उनके सबसे पसंदीदा टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों दिग्गजों से उन्हें काफी प्रेरणा मिली है।
दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने अपने पसंदीदा टेनिस खिलाड़ी के रूप में राफेल नडाल का नाम लिया। उन्होंने कहा कि नडाल भी उनकी तरह बाएं हाथ से खेलते थे और उनकी मेहनत, अनुशासन तथा लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहने की क्षमता हमेशा प्रेरित करती है। अभिषेक ने यह भी कहा कि विम्बलडन फाइनल को स्टेडियम में बैठकर देखना उनके लिए एक सपना पूरा होने जैसा था।
गौरतलब है कि वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा दोनों हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा थे। भारत को इस सीरीज में 4-0 से हार का सामना करना पड़ा। वैभव अपने पहले अंतरराष्ट्रीय दौरे में तीन मैचों में केवल 42 रन ही बना सके, जबकि अभिषेक ने एक अर्धशतक और एक 40 रन की पारी जरूर खेली, लेकिन पूरी सीरीज में वह भी अपनी छाप छोड़ने में सफल नहीं रहे।