जवागल श्रीनाथ का बड़ा बयान, ‘3-4 अच्छे क्विक हों तो टीम हमेशा प्रभावी रहती है’

तेज गेंदबाजों का ग्रुप होना और एनर्जी बचाकर रखना बहुत जरूरी है: जवागल श्रीनाथ

श्रीनाथ ने पेसरों के वर्कलोड पर जताई चिंता

Javagal Srinath (Image credit Twitter - X)
Javagal Srinath (Image credit Twitter – X)

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ ने तेज गेंदबाजों के वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर अहम बात कही है। उनका मानना है कि किसी भी टीम के लिए एक मजबूत तेज गेंदबाजी ग्रुप होना बहुत जरूरी है। अगर टीम के पास तीन या चार अच्छे तेज गेंदबाज हों, तो सभी पर ज्यादा दबाव नहीं आता और गेंदबाज लंबे समय तक फिट रह सकते हैं।

श्रीनाथ ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए कहा कि तेज गेंदबाजी कभी भी सिर्फ एक गेंदबाज के भरोसे नहीं होनी चाहिए। अगर कोई गेंदबाज लगातार 16-17 ओवर करने के लिए मजबूर होता है, तो वह धीरे-धीरे अपना असर खो सकता है। इसके अलावा थकान बढ़ने से चोट का खतरा भी बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजों के बीच काम बांटना टीम के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे गेंदबाज अपनी पूरी ऊर्जा के साथ गेंदबाजी कर सकते हैं और विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रख सकते हैं।

श्रीनाथ ने यह भी बताया कि तेज गेंदबाजों के लिए नियमित रूप से गेंदबाजी करना जरूरी है। लंबे समय तक मैच से दूर रहने के बाद अचानक ज्यादा ओवर करना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

इससे मांसपेशियों में खिंचाव, हैमस्ट्रिंग या लिगामेंट की चोट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उनके अनुसार, गेंदबाजों को पूरे साल पर्याप्त गेंदबाजी करनी चाहिए, ताकि शरीर लगातार मैच के दबाव के लिए तैयार रहे।

भारतीय क्रिकेट में बदलाव की बात

श्रीनाथ ने भारतीय क्रिकेट के उस दौर को भी याद किया जब मैच फिक्सिंग विवाद के कारण क्रिकेट की छवि को नुकसान पहुंचा था। उन्होंने कहा कि उस समय भारतीय खिलाड़ियों ने मिलकर क्रिकेट की विश्वसनीयता वापस लाने की कोशिश की।

उनके मुताबिक, खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी दिखाई और टीम ने भारत के साथ-साथ विदेशी मैदानों पर भी जीत हासिल करनी शुरू की। श्रीनाथ का मानना है कि टीम में जिम्मेदारी और एकजुटता की भावना भारतीय क्रिकेट की सफलता में अहम रही।

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