बिग बैश लीग में होगी प्राइवेट इन्वेस्टर्स की एंट्री! क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का ऐतिहासिक फैसला
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बिग बैश लीग में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है।
अद्यतन - सितम्बर 8, 2026 11:43 पूर्वाह्न

Cricket Australia private investment Big Bash league: ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट में बड़ा बदलाव लाने वाले एक ऐतिहासिक कदम के तहत, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बिग बैश लीग में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। यह अहम फैसला लीग के ट्रेडिशनल ‘स्टेट-एसोसिएशन ओनरशिप मॉडल’ से एक बड़ा बदलाव है, जो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और यूके की ‘द हंड्रेड’ जैसी लीग में देखे गए ट्रेंड्स के जैसा है।
मेलबर्न रेनेगेड्स फ्रेंचाइजी की फॉर्मल सेल के साथ ही प्राइवेटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिससे 2027-28 सीजन से टीम के प्राइवेट मालिकाना हक के तहत मैदान पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है। इस शुरुआती सेल के बाद, सीए एक “सेल्फ-डिटरमिनेशन मॉडल” (स्व-निर्णय मॉडल) लागू करने की योजना बना रहा है, जिससे राज्य क्रिकेट अस्सोसिएशन्स यह तय कर सकेंगे कि क्या अपनी फ्रेंचाइजी को बेचना या उनके लिए पार्टनर बनाना स्थानीय जरूरतों के हिसाब से सही है।
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It's confirmed. The Big Bash will enter a new era with private investment approved.
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— cricket.com.au (@cricketcomau) September 8, 2026
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन माइक बेयर्ड ने जोर देकर कहा कि बाहरी कैपिटल लाना क्रिकेट की लंबे समय की फाइनेंशियल हेल्थ को सुरक्षित रखने और ग्रासरूट लेवल पर भागीदारी, डोमेस्टिक पाथवेज और एलीट प्रोग्राम के लिए लगातार फंडिंग पक्की करने का एक सोच-समझकर उठाया गया कदम है।
बेयर्ड ने फैंस को यह भरोसा भी दिलाया कि गवर्निंग बॉडी खेल से जुड़े मुख्य कामों पर मजबूत कंट्रोल बनाए रखेगी, जिसमें इंटरनेशनल शेड्यूल, नेशनल खिलाड़ियों की उपलब्धता, लीग सैलरी कैप और संभावित इन्वेस्टर्स को अंतिम मंजूरी देना शामिल है। सबसे अहम बात यह है कि सीए ने टेस्ट क्रिकेट की अहमियत को बनाए रखने और साथ ही लीग की ग्लोबल पहुंच बढ़ाने के अपने वादे को फिर से दोहराया।
विदेशों के बड़े बिजनेस ग्रुप, खासकर आईपीएल फ्रेंचाइजी के मालिक लगातार अपने ग्लोबल मल्टी-टीम नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि इस कदम से दुनिया भर से जबरदस्त बोली लगाने में दिलचस्पी दिखाई देगी। इस निवेश से काफी ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है, जिससे बीबीएल टॉप-लेवल के इंटरनेशनल स्टार्स को अपने साथ बनाए रख सकेगा और तेजी से बढ़ते ग्लोबल टी20 फ्रेंचाइजी माहौल में कॉम्पिटेटिव बना रह सकेगा।
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