“यहां बिल्कुल घर जैसा माहौल है” – ठाणे के केयर सेंटर से विनोद कांबली का वीडियो वायरल, फैंस ने जताई चिंता
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक छोटे से वीडियो में, 52 साल के पूर्व मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज ने केयर फैसिलिटी का दिल से शुक्रिया अदा किया।
अद्यतन - सितम्बर 27, 2026 3:34 अपराह्न

पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली ठाणे के ‘निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर’ के एक नए वीडियो में नजर आए हैं। इस वीडियो में उन्होंने अपने फॉलोअर्स को भरोसा दिलाया है, साथ ही उनकी सेहत और रिकवरी को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक छोटे से वीडियो में, 52 साल के पूर्व मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज ने केयर फैसिलिटी का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने वहां रहने के दौरान मिले अपनापन, साफ-सफाई और घर जैसे आराम की तारीफ की।
कांबली ने कहा, “मैं निदान में हूं। मुझे बहुत अच्छी सुविधाएं मिली हैं, और मैं कहूंगा कि साफ-सफाई वगैरह, सब कुछ फर्स्ट क्लास है। यहां कहीं भी ऐसा नहीं लगता कि मैं घर पर नहीं हूं।” उन्होंने स्टाफ के सहयोग और प्यार के लिए उनकी तारीफ भी की।
देखें वीडियो
Vinod Kambli’s latest video, he is presently at an elderly care centre in Thane.
Praying for his recovery soon. pic.twitter.com/6k1plg1aCl
— Abhishek ✨ (@ImAbhishek7_) September 25, 2026
यह अपडेट हाल के वर्षों में कांबली की बिगड़ती सेहत को लेकर लोगों की बढ़ती चिंता के बाद आया है। इस क्रिकेटर को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिनमें 2013 में एंजियोप्लास्टी, बार-बार होने वाले यूरिन इन्फेक्शन, ब्रेन क्लॉट (जिससे स्ट्रोक का खतरा था) और चलने-फिरने में दिक्कतें शामिल हैं।
इससे पहले जब वे सार्वजनिक रूप से दिखे, जैसे 2024 में शिवाजी पार्क में अपने बचपन के दोस्त और लंबे समय तक बैटिंग पार्टनर रहे सचिन तेंदुलकर के साथ रीयूनियन के दौरान, तो कांबली काफी कमजोर लग रहे थे और उन्हें चलने के लिए सहारे की जरूरत पड़ रही थी। इसे देखकर कपिल देव और सुनील गावस्कर जैसे उनके पूर्व साथियों ने मदद का हाथ बढ़ाया था।
हाल के समय में सेहत से जुड़ी परेशानियों के बावजूद, कांबली को भारत के सबसे बेहतरीन और स्वाभाविक स्ट्रोक-मेकर्स में से एक माना जाता है। तेंदुलकर के साथ स्कूल के दिनों में 664 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी के लिए मशहूर कांबली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में शानदार शुरुआत की थी। उनके नाम सबसे तेजी से 1,000 टेस्ट रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी का रिकॉर्ड है; उन्होंने यह कारनामा सिर्फ 14 पारियों में कर दिखाया था। उन्होंने 17 टेस्ट मैचों में 54.20 की औसत से 1,084 रन बनाए थे, और साथ ही 104 वनडे इंटरनेशनल (वनडे) मैचों में 2,477 रन बनाए थे।
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