3 बड़े कारण! ऋतुराज गायकवाड़ को टीम इंडिया की टेस्ट टीम में मौका क्यों मिलना चाहिए?
आइए, उन 3 कारणों पर नजर डालते हैं जिनकी वजह से ऋतुराज गायकवाड़ टेस्ट टीम में शामिल किए जाने के हकदार हैं।
अद्यतन - नवम्बर 2, 2026 10:25 पूर्वाह्न

हालांकि ऋतुराज गायकवाड़ ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अपनी सीमित ओवरों की बल्लेबाजी और लीडरशिप क्षमता से काफी तारीफ बटोरी है, लेकिन फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनके आंकड़े उन्हें टेस्ट टीम में पहली बार जगह दिलाने के लिए एक मजबूत दावेदार बनाते हैं। रणजी ट्रॉफी में महाराष्ट्र के लिए उनके शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर इस बात पर ध्यान खींचा है कि वे रेड-बॉल क्रिकेट (टेस्ट क्रिकेट) के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आइए, उन 3 कारणों पर नजर डालते हैं जिनकी वजह से ऋतुराज गायकवाड़ टेस्ट टीम में शामिल किए जाने के हकदार हैं।
3. शानदार फॉर्म और मजबूत फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड
झारखंड के खिलाफ पुणे के एमसीए स्टेडियम में, सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए ऋतुराज गायकवाड़ ने 172 गेंदों में नाबाद 101 रन बनाए, जो उनके फर्स्ट-क्लास करियर का 10वां शतक था। उन्होंने अंकित बावने के साथ मिलकर 182 रनों की अटूट साझेदारी की, जिससे महाराष्ट्र का स्कोर 527/5 (घोषित) तक पहुंच गया। ‘इंडिया ए’ से सीधे लौटने वाले गायकवाड़ ने अपने फर्स्ट-क्लास करियर में 49 मैचों में 44 से अधिक के औसत से कुल 3,466 रन बना लिए हैं।
2. पेस और स्पिन को खेलने की क्षमता
झारखंड के खिलाफ ऋतुराज गायकवाड़ ने टेस्ट टीम में चयन के लिए एक मजबूत दावेदारी पेश की। उन्होंने तेज गेंदबाजी के खिलाफ ऑफ-स्टंप के बाहर गेंदों को बहुत ही संयम और सटीक समझ के साथ खेला, जबकि स्पिन के खिलाफ अपने कदमो का अच्छा इस्तेमाल किया और कलाइयों के सहारे शानदार फ्लिक शॉट लगाए।
लंबे समय तक गेंदबाजी का सामना करने के लिए जिस तकनीकी की जरूरत होती है, वह ऋतुराज के खेल में साफ दिखी। उनकी इस संयमित पारी ने टेस्ट क्रिकेट (रेड-बॉल) के सिलेक्शन क्राइटेरिया को पूरी तरह से पूरा किया है, जिससे भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शामिल करने का विचार करना लगभग तय हो गया है।
1. बल्लेबाजी में फ्लेक्सीबिलटी और अडेप्टिबिलिटी
मुख्य रूप से टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ ने झारखंड के खिलाफ नंबर 7 पर नाबाद शतक जड़कर अपनी अडेप्टिब्लिटी का प्रदर्शन किया और महाराष्ट्र को 527/5 के स्कोर तक पहुंचाया। वाइट-बॉल फॉर्मेट में अपनी वर्सटाइल टैलेंट दिखाने के बाद, रेड-बॉल क्रिकेट में अपने टेम्पो को कंडीशंस के अनुसार ढालने की उनकी क्षमता भारतीय सेलेक्टर्स को एक अच्छा विकल्प देती है।
यह भी पढ़ें – NZ vs IND 2026: भारत-न्यूजीलैंड टी20 सीरीज में इन 3 बल्लेबाजों ने बनाए सबसे ज्यादा रन