‘गांगुली ने जिस तरह टीम तैयार की, विराट ने वैसा नहीं किया’- कोहली की कप्तानी पर बोले सहवाग
सहवाग का यह भी मानना है कि ऋषभ पंत को लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में पारी की शुरुआत करनी चाहिए।
अद्यतन - मई 19, 2022 7:24 अपराह्न

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कप्तानी के मामले में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली सबसे ऊपर रखा है। स्पोर्ट्स18 के शो होम ऑफ हीरोज के नए एपिसोड में, भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने सभी आंकड़ों को ध्यान में रखता हुए कहा कि, कप्तान के रूप में विराट कोहली सर्वश्रेष्ठ में से एक हो सकते हैं। लेकिन वह गांगुली की तरह टीम नहीं बना सके।
इस शो में सहवाग ने कहा कि, “सौरभ गांगुली ने एक नई टीम बनाई, नए खिलाड़ी लेकर आए, उनका अपना पूरा समर्थन दिया। उनके अच्छे-बुरे वक्त में उनका साथ दिया। मुझे नहीं लगता कि विराट कोहली ने अपने कार्यकाल में ऐसा कभी किया होगा।”
बतौर खिलाड़ी दो वर्ल्ड कप जीत चुके सहवाग का कहना है कि, कोहली की कप्तानी के दौरान, 2-3 साल के लिए, लगभग हर टेस्ट के बाद टीम को बदलने का चलन था, चाहे वे जीते या हारे । उन्होंने कहा कि, “मेरी राय में, नंबर 1 कप्तान वह है जो एक टीम बनाता है और अपने खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देता है। कोहली ने कुछ खिलाड़ियों का समर्थन किया, कुछ का नहीं किया।”
वीरेंद्र सहवाग ने ऋषभ पंत को लेकर दिया बड़ा बयान
सहवाग से जब पूछा गया कि क्या ऋषभ पंत का अंदाज काफी हद तक उनसे मिलता-जुलता है। इसका मतलब है कि पंत को भी वनडे और टी-20 फॉर्मेट में सीमित सफलताएं मिली हैं लेकिन टेस्ट मे उनके आंकड़े शानदार रहे हैं। इसको लेकर पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि, “हम लिमिटेड ओवर्स फॉर्मेट में 50 या 100 रन बनाने के लिए नहीं खेलते हैं।
वहां चाहे स्थिति कैसी भी हो या विपक्ष कोई भी हो, हमें तेज गति से रन बनाना होता है। नंबर 4 या 5 पर, वह खुद को ऐसी स्थितियों में पाएगा जहां अधिक जिम्मेदारी की जरुरत होती हैं, लेकिन अगर वह ओपन करते हैं, तो वह कहीं अधिक सफल होंगे।”
सहवाग ने इस दौरान पृथ्वी शॉ को लेकर भी बात की। सहवाग ने कहा कि, “वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो टेस्ट क्रिकेट में रोमांच वापस ला सकते हैं। विपक्ष को सोचना होगा कि क्या शॉ और पंत के टीम में होने के साथ 400 रन पर्याप्त होंगे।” उन्होंने यह भी दावा किया है कि, “शॉ और पंत अगर एक टीम में होते हैं तो भारत टेस्ट क्रिकेट में राज कर सकता है, साथ ही दोनों खिलाड़ी उन्हें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतने में मदद कर सकते हैं।”