डेव व्हाटमोर बने बड़ौदा रणजी टीम के नए कोच, बने प्रथम श्रेणी क्रिकेट इतिहास के सबसे महंगे कोच - क्रिकट्रैकर हिंदी

डेव व्हाटमोर बने बड़ौदा रणजी टीम के नए कोच, बने प्रथम श्रेणी क्रिकेट इतिहास के सबसे महंगे कोच

अपनी कोचिंग कार्यकाल में श्रीलंका को वर्ल्ड कप खिताब दिला चुके हैं व्हाटमोर।

Dave Whatmore
Dave Whatmore, the new coach of Zimbabwe’s national cricket team new coach, gestures as he speaks with the media after he was announced as the new coach during a press conference in Harare on December 30, 2014. AFP PHOTO / JEKESAI NIJIKIZANA (Photo credit should read JEKESAI NJIKIZANA/AFP/Getty Images)

बड़ौदा ने आगामी घरेलू सीजन 2021-22 के लिए ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डेव व्हाटमोर को अपने टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। इस बात की जानकारी बड़ौदा क्रिकेट संघ के सचिव अजीत लेले ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दी। खबरों की माने तो डेव व्हाटमोर भारत के फर्स्ट क्लास क्रिकेट इतिहास के सबसे महंगे कोच हैं। व्हाटमोर को कोचिंग के लिए एक सीजन का एक करोड़ रुपए दिया जाएगा। लेले ने व्हाटमोर के कोच नियुक्त किए जाने के बाद कहा कि “व्हाटमोर बीते बुधवार को ही मुख्य कोच के रूप में शामिल हुए और वह अन्य कोचों, अन्य उम्र के ग्रुपों का भी मार्गदर्शन करेंगे।”

बड़ौदा क्रिकेट के लिए पिछले कुछ साल अच्छे नहीं रहे हैं, इसलिए देखने अब दिलचस्प होगा की टीम कैसे व्हाटमोर किस अपनी कार्यकाल में कैसे इस टीम के भाग्य को कैसे बदलते हैं। बड़ौदा ने अपना आखिरी रणजी ट्रॉफी साल 2000-01 में जीता था। हालांकि टीम ने इस साल विजय हजारे ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया था, कृणाल पांड्या की अगुवाई में टीम ने लीग के पांचों मैच जीतकर नॉकआउट में प्रवेश किया लेकिन आखिरी चरण में मैच हारकर बाहर हो गए।

बतौर कोच डेव व्हाटमोर का करियर

बतौर कोच डेव व्हाटमोर का करियर बेहद शानदार रहा है। उनके पास लगभग तीस साल कोचिंग अनुभव है। इससे पहले वो साल 2017-18 में केरला टीम के हेड कोच रहे थे और उनकी कोचिंग में केरला उस सीजन में रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल जगह बनाने में सफल रही थी। व्हाटमोर इसके अलावा आईपीएल में भी कोचिंग कर चुके हैं। साल 2010 में वो कोलकाता नाइट राइडर्स के हेड कोच थे।

हालांकि, आईपीएल में उनका कोचिंग कार्यकाल ज्यादा दिन तक नहीं चल पाया और 2011 उन्होने इस पद से इस्तीफा दे दिया था। बतौर कोच उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 1996 में मिली जब उनकी कोचिंग में श्रीलंका ने वर्ल्ड कप उस साल वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। इसके अलावा वो नेपाल क्रिकेट टीम के भी कोच रह चुके हैं।