अब भारतीय क्रिकेटर नहीं छुपा पाएंगे अपनी उम्र, BCCI करेगा इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल - क्रिकट्रैकर हिंदी

अब भारतीय क्रिकेटर नहीं छुपा पाएंगे अपनी उम्र, BCCI करेगा इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल

उम्र निर्धारण के लिए ‘टीडब्ल्यूथ्री’ पद्धति का उपयोग करता है बीसीसीआई।

A view of logo of the Board of Control for Cricket in India (BCCI) (Photo by Aniruddha Chowhdury/Mint via Getty Images)
A view of logo of the Board of Control for Cricket in India (BCCI) (Photo by Aniruddha Chowhdury/Mint via Getty Images)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) उम्र की धोखाधड़ी से निजात पाने के लिए एक नया प्रयास कर रहा है। माना जा रहा है कि खिलाड़ियों की उम्र का पता लगाने के लिए एक नए सॉफ्टवेयर का उपयोग करने जा रहा है। सॉफ्टवेयर का उपयोग परीक्षण के आधार पर किया जाएगा और मौजूदा पद्धति की तुलना में इसके लागत में 80 प्रतिशत तक की बचत होगी।

जब क्रिकेटरों के बीच उम्र से संबंधित धोखाधड़ी की बात आती है तो बीसीसीआई जीरो-टॉलरेंस नीति का पालन करता है और वह इसके लिए सख्त सजा भी सुनाता है। यह भारत के घरेलू क्रिकेट में काफी देखने को मिलता है। 2019 में जम्मू और कश्मीर के तेज गेंदबाज, रसिख सलाम को गलत तारीख के साथ जन्म प्रमाण पत्र प्रदान करने का दोषी पाए जाने के बाद उन्हें दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।

नए प्रयोग पर राज्य संघों के साथ काम करेगा बीसीसीआई

उम्र धोखाधड़ी के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाने वाला बीसीसीआई फिलहाल उम्र निर्धारण के लिए ‘टीडब्ल्यूथ्री’ पद्धति (बाएं हाथ और कलाई के एक्स-रे पर आधारित) का उपयोग करता है। वर्तमान पद्धति में हर परीक्षण की लागत 2400 रुपये है और इसके परिणाम आने में तीन से चार दिन का समय लगता है जबकि ‘बोनएक्सपर्ट सॉफ्टवेयर’ का प्रस्तावित उपयोग तात्कालिक परिणाम देगा और लागत केवल 288 रुपये होगी।

बीसीसीआई ने प्रक्रिया से जुड़े कदमों के बारे में बताया और यह भी बताया कि पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग दो महीने लगते हैं। बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा गया है कि, “आयु की पुष्टि के लिए बीसीसीआई पर्यवेक्षक की उपस्थिति में खिलाड़ियों की कलाई का एक्स-रे कराता है और फिर राज्य क्रिकेट संघ एक्स-रे कॉपी को बीसीसीआई एवीपी (आयु सत्यापन विभाग) के पास भेजता है।”

बयान में आगे कहा गया है कि, “बोर्ड प्रयोग पर राज्य संघों के साथ काम करेगा। बोर्ड हालांकि अपने डेटाबैंक में सीमित संख्या में एक्स-रे पर चल रहे परीक्षण डेटा से संतुष्ट हैं, फिर भी हम इससे पूरी तरह संतुष्ट होने के लिए सभी संघों में बड़ी संख्या में एक्स-रे (लगभग 3800) के साथ सॉफ्टवेयर की जांच करना चाहते हैं।”

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