आखिर क्यों सचिन को आसानी से सिंगल दे देते थे डेल स्टेन? - क्रिकट्रैकर हिंदी

आखिर क्यों सचिन को आसानी से सिंगल दे देते थे डेल स्टेन?

हाल ही में 38 साल की उम्र में डेल स्टेन ने क्रिकेट को अलविदा कहा है।

Dale Steyn and Sachin Tendulkar. (Photo Source: Getty Images)
Dale Steyn and Sachin Tendulkar. (Photo Source: Getty Images)

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन दुनिया के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक हैं। उन्होंने अपने करियर में दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गज बल्लेबाजों को परेशान किया। स्टेन के पास गति और स्विंग दोनों था तथा हर क्षेत्र में स्टेन अपनी कला में निपुण थे। हालांकि, एक बल्लेबाज ऐसा भी था जिसने स्टेन को परेशान करके रख दिया था और वो थे दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर।

साल 2010 में जब दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत दौरे पर आई थी, तो सचिन ने अफ्रीकी टीम के खिलाफ वनडे में पहला दोहरा शतक जड़ा था और उस वक्त स्टेन दक्षिण अफ्रीकी टीम के प्रमुख गेंदबाज थे। उसी दौरे को याद करते हुए स्टेन ने एक किस्सा साझा किया है।

सचिन तेंदुलकर से जुड़ा कौन सा किस्सा स्टेन ने किया याद

डेल स्टेन ने इसका जवाब देते हुए कहा कि “हां, तेज गेंदबाज होने के नाते मैंने कई बार ये तरीका अपनाया है। मैं हर वक्त अच्छी गेंदबाजी करके विकेट लेने की कोशिश करता था। लेकिन, कभी-कभी मुझे ऐसा लगता था कि सामने वाले खिलाड़ी को मेरी गति और गेंदबाजी से परेशानी नहीं हो रही है तो मैं उनको छोड़ टीम की दूसरी कमजोरियों पर ध्यान देने की कोशिश करता था।”

डेल स्टेन ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका की क्रुगर नाम की जगह से आते हैं जहां दक्षिण अफ्रीका का एक प्रसिद्ध नेशनल पार्क है और उस प्रकृति के अंदर मैं बड़ा हुआ हूं और वहां के आसपास जो जीव-जंतु होते हैं, उनमें मैंने एक चीज गौर की है। स्टेन ने कहा कि, “वहां के जानवर खुद को जीवित रखने के लिए हमेशा आसान चीजों को ढूंढते हैं और मैंने भी अपने क्रिकेट करियर में वही किया। मैं भी बड़े जीव-जंतुओं को छोड़ उनके बच्चों के पीछे गया और उनको समेटने की कोशिश की इसलिए मैंने सचिन को भी सिंगल दिया जिससे दूसरे बल्लेबाज को गेंद कर सकूं।”

डेल स्टेन ने 38 साल की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने अपने करियर में कुल 699 खिलाड़ियों को अपना शिकार बनाया। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट से उन्होंने काफी पहले संन्यास ले लिया था लेकिन सफेद गेंद वाली क्रिकेट से उन्होंने अब रिटायरमेंट लिया है।