भारतीय संस्कृति से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाई संस्कृति के करीब हूं - निखिल चौधरी का बड़ा बयान

भारतीय संस्कृति से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाई संस्कृति के करीब हूं – निखिल चौधरी का बड़ा बयान

दिल्ली से शुरू हुआ उनका सफर अब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम तक पहुंच चुका है।

Nikhil Chaudhary (Image credit Twitter - X)
Nikhil Chaudhary (Image credit Twitter – X)

दिल्ली में जन्मे ऑलराउंडर निखिल चौधरी आज ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं, लेकिन उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा। निखिल ने क्रिकेट की शुरुआत भारत में की थी और पंजाब की ओर से घरेलू क्रिकेट भी खेला। उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में युवराज सिंह और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था।

हालांकि, कोविड-19 महामारी ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। निखिल 2020 में छुट्टियां मनाने और अपने रिश्तेदारों से मिलने ऑस्ट्रेलिया गए थे। उन्होंने कुछ महीनों बाद भारत लौटने की योजना बनाई थी, लेकिन महामारी और लॉकडाउन के कारण वे वहां फंस गए।

ब्रिस्बेन में मिला नया मौका

ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय तक रहने के दौरान निखिल ने ब्रिस्बेन में स्थानीय क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया। यहीं से उनके क्रिकेट करियर ने नया मोड़ लिया। इस दौरान उनकी मुलाकात पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर जेम्स होप्स से हुई, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचाना।

होप्स ने निखिल का नाम बिग बैश लीग की कुछ टीमों को सुझाया। इसके बाद 2023 में उन्हें होबार्ट हरिकेन्स के साथ अनुबंध मिला। यह उनके करियर का सबसे बड़ा मौका साबित हुआ।

निखिल का कहना है कि उन्हें ऑस्ट्रेलियाई संस्कृति भारतीय संस्कृति से ज्यादा करीब लगती है। उनके अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के लोग सीधे और स्पष्ट स्वभाव के होते हैं। यही बात उन्हें सबसे ज्यादा पसंद आई।

उन्होंने कहा कि जब लोग ईमानदारी से अपनी बात रखते हैं तो रिश्ते बनाना और साथ काम करना आसान हो जाता है। यही कारण है कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया में खुद को सहज महसूस करने में ज्यादा समय नहीं लगा।

घरेलू क्रिकेट और बिग बैश लीग में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद निखिल को ऑस्ट्रेलिया की टी20 टीम में जगह मिली। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अपना सपना पूरा कर लिया।

दिल्ली से शुरू हुआ उनका सफर अब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम तक पहुंच चुका है। निखिल चौधरी की कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, सही अवसर और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी खिलाड़ी दुनिया के किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।

close whatsapp