'उम्र कोई मायने नहीं रखती' - वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के कायल हुए कगिसो रबाडा

‘उम्र कोई मायने नहीं रखती’ – वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के कायल हुए कगिसो रबाडा

लगातार बड़ी पारियों से वैभव ने बढ़ाया अपना कद

Kagiso Rabada Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter - X)
Kagiso Rabada Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter – X)

आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स भले ही फाइनल तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 जैसे बड़े मुकाबलों में वैभव ने क्रमशः 97 और 96 रनों की विस्फोटक पारियां खेलीं और साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर खेलने का दम रखते हैं।

गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा भी इस युवा बल्लेबाज से काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि वैभव की बल्लेबाजी में सबसे खास बात उनकी तेज प्रतिक्रिया और गेंद की लंबाई को जल्दी समझने की क्षमता है।

रबाडा के मुताबिक वैभव जिस आत्मविश्वास और निडरता के साथ बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह उनकी उम्र के हिसाब से असाधारण है। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी होने के कारण वैभव के अंदर भरपूर ऊर्जा है और वह बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलते हैं।

दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज का मानना है कि अब वैभव की उम्र पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मैदान पर उनका प्रदर्शन ही उनकी असली पहचान बन चुका है। रबाडा ने कहा कि इतने कम समय में जिस तरह उन्होंने खुद को साबित किया है, वह वाकई हैरान करने वाला है।

क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को सात विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। रबाडा ने इस मुकाबले में दो महत्वपूर्ण विकेट लिए और गुजरात की जीत में अहम भूमिका निभाई।

हालांकि, उन्होंने माना कि उनकी टीम के गेंदबाज कई मौकों पर अपनी तय रणनीति के अनुसार गेंदबाजी नहीं कर पाए। कुछ अतिरिक्त शॉर्ट गेंदों के कारण राजस्थान के बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका मिला। इसके बावजूद गुजरात ने दबाव बनाए रखा और मैच पर पकड़ मजबूत रखी।

सिराज के साथ साझेदारी पर भी बोले रबाडा

रबाडा ने मोहम्मद सिराज के साथ अपनी गेंदबाजी साझेदारी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब दूसरे छोर से सिराज लगातार दबाव बनाते हैं तो विकेट लेने की संभावना और बढ़ जाती है।

उनके अनुसार सिराज सिर्फ जोश से नहीं बल्कि अपनी कौशल से भी टीम को फायदा पहुंचाते हैं और उनके साथ गेंदबाजी करना किसी भी तेज गेंदबाज के लिए सुखद अनुभव है।

वहीं पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल की शतकीय पारी की तारीफ की। कुंबले ने कहा कि गिल ने बिना कोई बड़ा मौका दिए शानदार बल्लेबाजी की और अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाने में कप्तानी पारी खेली।

पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी माना कि आईपीएल 2026 की दो सबसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमें फाइनल में पहुंची हैं, जिससे खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक होने वाला है।

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