राहुल द्रविड़ ने U-19 इंडियन टीम के साथ मनाया अपना 45वां जन्मदिन - क्रिकट्रैकर हिंदी

राहुल द्रविड़ ने U-19 इंडियन टीम के साथ मनाया अपना 45वां जन्मदिन

Rahul Dravid Bday
Rahul Dravid Bday

क्रिकेट के सही मायने में जेंटलमैन कहे जाने वाले पूर्व दिग्गज भारतीय खिलाड़ी राहुल द्रविड़ आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे है। द्रविड़ एक ऐसी शख्सियत हैं, जिसने भारतीय क्रिकेट को कई बड़ी जीत और पारियों के साथ कई अहम सीख दी है। भारतीय क्रिकेट में संयम और सहनशीलता शब्द प्रयोग अगर सच में किसी पर उपयुक्त बैठता है तो वो है राहुल द्रविड़ पर।

द्रविड़ भले ही रिटायर हो चुके हो लेकिन सालों बाद भी द्रविड़ के जिम्मेदार कंधों पर एक अहम जिम्मेदारी है। वह अंडर U-19 इंडिया और इंडिया ए टीम के कोच हैं। देश की युवा टीम को आगे बढ़ाने का जिम्मा खुद द्रविड़ ने लिया। फिलहाल द्रविड़ भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के साथ न्यूजीलैंड में है जहां 14 जनवरी से अंडर-19 वर्ल्ड कप का आगाज होना है। ऐसे में इस बार राहुल द्रविड़ ने अपना जन्मदिन U-19 टीम के खिलाड़ियों और टीम सपोर्ट स्टाफ के साथ मनाया। जिनकि तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई है।

जन्मदिन के अवसर आज हम जान रहे उनके करियर से जुड़ी कुछ खास बातें:

राहुल द्रविड़ को हमेशा से क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट का महारथी माना गया है जिस कारण उन्हें ‘द वॉल’ का टाइटल भी दिया गया और उन्होंने टी-20 मैच ना खेलने का फैसला भी खुद ही लिया था। लेकिन बहुत कम ही लोग जानते होंगे के द्रविड ने द्रविड़ ने अपना एकमात्र टी20 इंटरनेशनल मैच 31 अगस्‍त 2011 को इंग्‍लैंड के खिलाफ मैनचेस्‍टर में खेला था। इस मैच में उन्‍होंने 21 गेंदों पर 31 रन की पारी खेली थी। खास बात यह है कि इस पारी के दौरान भारतीय टीम के ‘मिस्‍टर वॉल’ ने इंग्‍लैंड के भारतीय मूल के गेंदबाज समित पटेल की लगातार तीन गेंदों पर छक्‍के जमाए थे।

करीब 15 साल लंबे कॅरियर में राहुल द्रविड़ ने कीर्तिमानों का एक नया अध्‍याय लिखा। क्रिकेट के इतिहास में राहुल द्रविड़ से ज्‍यादा गेंदें किसी बल्‍लेबाज ने नहीं खेलीं, उन्‍होंने क्रीज पर कुल 31,258 गेंदों का सामना किया। इस दिग्‍गज बल्‍लेबाज ने अपने कॅरियर में 44,152 मिनट्स क्रीज पर बिताए। द्रविड़ 88 शतकीय साझेदारियों में शामिल रहे। लक्ष्‍मण और सचिन के साथ उनकी कई यादगार साझेदारियां हैं। भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार टेस्‍ट जीजों में से एक, 2001 के कोलकाता टेस्‍ट में लक्ष्‍मण और द्रविड़ की साझेदारी ने ही मैच का रुख पलटा था।