कोविड-19 के नए वेरिएंट आने के बाद एक बार फिर एशेज पर छाए संकट के बादल - क्रिकट्रैकर हिंदी

कोविड-19 के नए वेरिएंट आने के बाद एक बार फिर एशेज पर छाए संकट के बादल

एशेज सीरीज का पहला टेस्ट मैच 8 दिसंबर से ब्रिस्बेन के मैदान पर खेला जाना है।

England Cricket Team
England Cricket Team. (Photo by Mike Hewitt/Getty Images)

दक्षिण अफ्रीका में नए कोविड-19 वेरिएंट के सामने आने से दुनिया भर में खलबली मच गई है और तमाम क्रिकेट बोर्ड अपनी आगे की सीरीज की योजना बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इसी क्रम में, ECB के प्रबंधन निदेशक, एश्ले जाइल्स ने कहा कि इंग्लैंड नए कोविड-19 वेरिएंट के डर से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ बातचीत कर रहा है। जाइल्स ने स्वीकार किया कि यह वेरिएंट आगामी एशेज को प्रभावित कर सकता है।

बता दें कि इंग्लैंड के खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में कठिन कोविड-19 मानदंडों को देखते हुए एशेज खेलने के लिए इच्छुक नहीं थे। दौरे पर जाने से पहले उन्हें अपने परिवारों के 14 दिनों के कठिन क्वारंटाइन से गुजरने की चिंता थी। और अब ऑस्ट्रेलियाई राज्यों ने नए प्रतिबंध शुरू कर दिए हैं क्योंकि सिडनी में कतर से आने वाले दो यात्री ओमीक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं।

आगामी एशेज सीरीज को लेकर एश्ले जाइल्स ने क्या कहा ?

डेली मेल के हवाले से एश्ले जाइल्स ने कहा है कि, “अभी शुरुआती दिन हैं लेकिन हम इसको लेकर बातचीत शुरू कर रहे हैं। हमारे परिवारों को यात्रा करने की अनुमति देने के संदर्भ में सीमा नियंत्रण में बदलाव होने जा रहे हैं और हम स्पष्ट रूप से आशा करते हैं कि यह हमें प्रभावित नहीं करेगा। लेकिन फैसला राष्ट्रीय और स्थानीय सरकारों के हाथों में हैं।”

यह कहा गया है कि एशेज के बारे में बात करना अभी बहुत जल्दी है लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि पर्थ टेस्ट के आगे बढ़ने की संभावना 50-50 है। हालांकि, जाइल्स ने आश्वासन दिया कि ECB यह सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ करेगा कि खिलाड़ियों के परिवारों को अच्छी तरह से समायोजित किया जाए और वो खुश हों।

जाइल्स ने आगे कहा कि, “हम हमेशा से जानते थे कि चीजें बदल सकती हैं। हमें उम्मीद थी कि सीरीज शुरू होने तक चीजें सकारात्मक रूप से बदल जाएंगी, लेकिन जैसा कि हम पिछले दो वर्षों में वेरिएंट के साथ जानते हैं, चीजें कभी भी नकारात्मक रूप से बदल सकती हैं। क्या हम हर चीज की तैयारी कर सकते हैं? यह वास्तव में संभव नहीं है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि परिवारों को अच्छे से समायोजित किया जाए और वो खिलाड़ी खुश हों।”