तीसरे टेस्ट मैच से पहले सुनील गावस्कर ने इस वजह से लगाई नासिर हुसैन की क्लास - क्रिकट्रैकर हिंदी

तीसरे टेस्ट मैच से पहले सुनील गावस्कर ने इस वजह से लगाई नासिर हुसैन की क्लास

नासिर हुसैन ने हाल ही में एक कॉलम में भारतीय टीम को लेकर एक हैरान करने वाली बात लिखी थी।

Sunil Gavaskar and Nasser Hussain
Sunil Gavaskar and Nasser Hussain. (Photo Source: Twitter)

इंग्लैंड और भारत के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच से पहले तैयारी के दौरान भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली। नासिर ने हाल ही में कहा था कि विराट कोहली की इस मौजूदा टीम को पिछली पीढ़ियों की तरह नहीं धमकाया जाएगा जिस पर गावस्कर बेहद नाराज दिखे थे।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने डेली मेल के लिए कॉलम में लिखा कि, “विराट सही समय पर इस भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और वो इस काम के लिए बिल्कुल सही व्यक्ति हैं। उनके खिलाड़ी खासकर तेज गेंदबाज चाहते हैं कि विराट आक्रमक कप्तानी करें जैसा उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट मैच में किया था।” सोनी सिक्स पर प्री मैच शो के दौरान गावस्कर ने नासिर हुसैन से उनके नए कॉलम को लेकर कुछ तीखे सवाल पूछे।

आक्रमकता का दौर गांगुली की कप्तानी में शुरू हुआ था: नासिर हुसैन

गावस्कर: आपने कहा था कि इस भारतीय टीम को शायद पिछली पीढ़ी की तरह धमकाया नहीं जाएगा। क्या मैं जान सकता हूं कि आप किसी पीढ़ी की बात कर रहे हैं और यहां धमकाने का क्या अर्थ है?

हुसैन: मुझे लगता है कि कोहली ने जो किया, वो इंग्लैंड के लिए कई मायनों में कठिन होगा। ऐसी आक्रमकता मैंने सौरव गांगुली की कप्तानी के समय देखी थी और उन्होंने इसकी शुरुआत की थी। विराट उसी आक्रमकता को आज आगे बढ़ा रहे हैं। यहां तक जब ऑस्ट्रेलिया में विराट नहीं थे तो रहाणे ने भी उसी तरह की कप्तानी की थी।

भारत ने इससे बेहतर इंग्लैंड टीम के सामने टेस्ट मैच जीता है: सुनील गावस्कर

गावस्कर: लेकिन जब आप (नासिर) कहते हैं कि पिछली पीढ़ी की भारतीय टीम को धमकाया गया था, अगर ये बात मेरी पीढ़ी को लेकर बोली गई है तो मुझे काफी दुख होगा। अगर आप रिकॉर्ड देखोगे तो 1971 में हम जीते थे, वो मेरा पहला इंग्लैंड दौरा था। 1974 में हम 3-0 से हारे थे क्योंकि उस समय हमारी टीम के साथ कुछ समस्याएं चल रही थी। 1979 और 1982 में हम फिर हार गए थे, लेकिन 1986 में हम 2-0 से जीते थे जिसे हम 3-0 से भी जीत सकते थे इसलिए मुझे नहीं लगता कि मेरी पीढ़ी को धमकाया गया था। मुझे नहीं लगता कि आक्रमकता का ये मतलब होता है कि आप हमेशा सामने वाली टीम पर हावी हों। आप मैच में अपना जुनून दिखा सकते हैं टीम को एक साथ लेकर चल सकते हैं।

हुसैन: मैंने ये बात विराट कोहली के लिए कही थी। वो जिस तरह से कप्तान के तौर पर टीम को संभालते हैं, वह मुझे काफी पसंद है और मैं यही कहना चाहता था। विराट अपनी टीम को किस तरह आक्रमण करने के लिए उत्साहित करते हैं, उसकी एक झलक हम सभी ने दूसरे टेस्ट मैच में देखी थी।

गावस्कर: इसमें कोई तर्क नहीं है। सवाल ये है कि पिछली पीढ़ियों को धमकाया गया था और मुझे लगता है कि ये सही नहीं है।