आरपी सिंह के बेटे हैरी सिंह को इंग्लैंड की अंडर-19 टीम में मिली जगह - क्रिकट्रैकर हिंदी

आरपी सिंह के बेटे हैरी सिंह को इंग्लैंड की अंडर-19 टीम में मिली जगह

आरपी सिंह ने 1986 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो वनडे में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

RP Singh senior’s son Harry. (Photo Source: Twitter)
RP Singh senior’s son Harry. (Photo Source: Twitter)

भारत के पूर्व तेज गेंदबाज रुद्र प्रताप सिंह सीनियर के बेटे हैरी सिंह को श्रीलंका U19 के खिलाफ घरेलू द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड U19 क्रिकेट टीम के लिए चुना गया है। यह वास्तव में हैरी सिंह के लिए एक शानदार उपलब्धि है। अगर वो यहां पर अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब होते हैं तो उन्हें जल्दी ही इंग्लैंड की राष्ट्रिय टीम के लिए भी कॉल अप मिल सकता है।

हालांकि, हैरी के पिता आरपी सिंह का मानना ​​​​है कि युवा खिलाड़ी को अभी भी काफी कुछ सीखना है। उनका कहना है कि वह उन चुनौतियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं, जिनका सामना दक्षिण एशियाई विशेषकर भारतीय मूल के खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के जूनियर टीमों का प्रतिनिधित्व करते हुए किया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह जर्नी कितनी कठिन है। हैरी सिंह लंकाशायर टीम के सलामी बल्लेबाज हैं।

बेटे हैरी के इंग्लैंड U19 टीम में चयन किए जाने से खुश हैं आरपी सिंह सीनियर

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि, “कुछ दिनों पहले, हमें ईसीबी से फोन आया कि हैरी को इंग्लैंड की अंडर-19 टीम के लिए चुना गया है, जो श्रीलंका की अंडर-19 टीम से खेलेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि, “यह आसान नहीं है, शीर्ष स्तर पर जगह पाने के लिए आपको थोड़े से भाग्य और बहुत सारे रनों की आवश्यकता होती है। मैंने 90 के दशक में कई क्रिकेटरों को देखा है जो घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते थे, लेकिन जब उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया तो वे काफी असफल रहे। जैसे-जैसे हैरी बड़ा होगा, उसे वे तकनीकी समायोजन करने होंगे जो हर क्रिकेटर करता है।”

मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले रुद्र प्रताप सिंह ने 1986 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि, उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर उतना अच्छा नहीं रहा, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने 1990 के दशक के अंत में इंग्लैंड जाने का फैसला किया और लंकाशायर काउंटी क्लब और इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के साथ कोच के रूप में काम किया।