मोहाली में पहले टेस्ट के बाद गौतम गंभीर ने इस दिग्गज खिलाड़ी से की रविचंद्रन अश्विन की तुलना
अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में 436 विकेट लेने के बाद कपिल देव को पीछे छोड़ दिया है।
अद्यतन - Mar 7, 2022 6:21 pm

भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट मुकाबला जीतकर सीरीज पर 1-0 से बढ़त बना ली है। मेजबान टीम ने मेहमानों के खिलाफ पारी और 222 रनों के बड़े अंतर से एकतरफा जीत दर्ज की। टीम इंडिया को जीत दिलाने में भारतीय टीम के आलराउंडर रवींद्र जडेजा और आर अश्विन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, दोनों खिलाड़ियों ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया।
जडेजा को आउट करने के लिए मेहमान टीम के गेंदबाजों ने भरपूर जोर लगाया लेकिन उन्होंने उनकी इस कोशिश को सफल नहीं होने दिया। जडेजा ने 225 गेंदों में 17 चौकों और 3 छक्कों की मदद से शानदार 175 रन बनाये, जबकि मैदान में उनका साथ देने आये आलराउंडर आर अश्विन ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली। अश्विन ने 82 गेंदों का सामना करते हुए 8 चौकों की मदद से 61 रनों की पारी खेली।
इस दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच शतकीय साझेदारी हुई। उसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने गेंद से भी शानदार प्रदर्शन दिखाया, जडेजा ने दोनों पारियों में कुल 9 विकेट हासिल किये जबकि अश्विन ने 6 विकेट चटकाए। इस प्रदर्शन के बाद अश्विन ने भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कपिल देव के 434 टेस्ट विकेटों की संख्या को भी पीछे छोड़ दिया है, इस बीच भारतीय पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर ने अश्विन को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
“रविचंद्रन अश्विन का प्रभाव कपिल देव के करीब रहा है” – गौतम गंभीर
गौतम गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के शो पर चर्चा के दौरान अश्विन की तुलना कपिल देव से करते हुए कहा “एक आलराउंडर के तौर पर अश्विन का प्रदर्शन कपिल देव के समान रहा है। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में पांच शतक बनाए हैं, हालांकि मैं आंकड़ों के साथ नहीं जाना चाहता, वे बहुत भ्रामक हो सकते हैं।”
मेलबर्न में अश्विन के प्रदर्शन को याद करते हुए पूर्व क्रिकेटर ने कहा “मेलबर्न में अश्विन के प्रदर्शन को लेकर मैं पहले भी कह चुका हूं और एक बार फिर यही कहूंगा कि जहां तक मैंने देखा है वह अभी तक एक ऑफ स्पिनर द्वारा अभी तक का सबसे अच्छा स्पेल है जब पहले दिन उन्होंने स्टीव स्मिथ, मार्नस लाबुशेन और मैथ्यू वेड को आउट किया था।
उन्होंने आगे कहा “अश्विन ने पहले दिन जिस तरह से गेंदबाजी की, मुझे नहीं लगता कि किसी अन्य ऑफ स्पिनर ने ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में ऐसी गेंदबाजी की होगी और वह भी कूकाबुरा गेंद से। अगर आप किसी भी उंगली के स्पिनर से पूछते हैं, तो वह इस गेंद से गेंदबाजी नहीं करना चाहेगा क्योंकि इस गेंद में न तो वह सीम है और न ही इससे अतिरिक्त उछाल मिलता है।”