ग्रेग चैपल ने फोन किया और रवि शास्त्री से पूछा, बड़ी हार के बाद आप कैसे वापसी करते हैं ?-आर श्रीधर - क्रिकट्रैकर हिंदी

ग्रेग चैपल ने फोन किया और रवि शास्त्री से पूछा, बड़ी हार के बाद आप कैसे वापसी करते हैं ?-आर श्रीधर

एडिलेड में 36 रनों पर ऑलआउट होने के बाद टीम इंडिया ने 2-1 से सीरीज अपने नाम किया था।

Ramakrishnan Sridhar
Ramakrishnan Sridhar. (Photo by Visionhaus/Getty Images)

पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने भारतीय ड्रेसिंग रूम में बिताए सात वर्षों को ‘अपने जीवन के बेहतरीन पल’ करार देते हुए कहा कि कोचिंग के दौरान टीम इंडिया का ‘बुरा प्रदर्शन’ वास्तव में ‘कोचिंग के लिए शानदार अवसर’ होता है। श्रीधर रवि शास्त्री की अध्यक्षता वाली भारतीय टीम इंडिया के कोचिंग सेटअप का एक महत्वपूर्ण सदस्य थे।

बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 के दौरान एडिलेड ओवल में पिंक बॉल टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत अपने सबसे कम टेस्ट स्कोर पर ऑलआउट हो गया था, इसके बाद वो मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर जीत दर्ज कर शानदार वापसी की, और अंत में सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर के इतिहास रचा था। वहीं इस साल इंग्लैंड दौरे के लीड्स टेस्ट मैच में भी भारत 76 रनों पर सिमट गई थी।

श्रीधर ने बताया खराब प्रदर्शन के बाद भारत की वापसी का राज

इन खराब प्रदर्शन को लेकर पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने बड़ा बयान दिया है। श्रीधर ने कहा है कि, “यह सीखने का शानदार मौका था। कोच के रूप में मेरे लिए खराब दिन कोचिंग का शानदार अवसर होता है। अच्छे दिन कोचिंग के लिए उतने बेहतर मौके नहीं प्रदान करता है जितना की एक खराब दिन करता है।”

उन्होंने आगे कहा कि, “कोचिंग के अवसर से मेरा मतलब खिलाड़ियों को समझने, उनके साथ अच्छे संबंध बनाने, आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तकनीकी और मानसिक रूप से प्रशिक्षित करने का अवसर देने के बारे में है। इससे आपको खिलाड़ी और टीम के बारे में पता चलता है। मूल रूप से बुरे दिनों का आपका बर्ताव से आपके व्यक्तित्व का पता चलता है।”

उन्होंने आगे खुलासा किया कि पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री को महान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ग्रेग चैपल का फोन आया, जिन्होंने पूछा कि भारत इतने बुरे प्रदर्शन के बाद इस तरह की वापसी कैसे करता है। श्रीधर ने कहा कि, “हाल ही में, ग्रेग चैपल ने फोन किया और रवि भाई से पूछा कि, इतने हार के बाद आप कैसे इतनी शानदार वापसी करते हैं? तो इस पर उन्होंने कहा कि इस टीम के लिए एक बेंचमार्क है। हर बुरे दिन को सोने की खान की तरह इस्तेमाल किया गया।”