तो ऐसे साथ मिलकर भारतीय टीम ने जीता था टी20 वर्ल्ड कप 2007, हरभजन सिंह ने खोले कई बड़े राज
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2007, वनडे वर्ल्ड कप 2011 और चैंपियंस ट्रॉफी को अपने नाम किया था।
अद्यतन - May 16, 2024 2:37 pm

आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2024 की शुरुआत 2 जून से हो रही है। यह महत्वपूर्ण टूर्नामेंट वेस्टइंडीज और USA में खेला जाएगा। इस शानदार टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच 9 जून को न्यूयॉर्क में मैच खेला जाएगा। इसी मुकाबले को लेकर भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने अपना पक्ष रखा है।
हरभजन सिंह ने आगामी मुकाबले का प्रीव्यू किया है। बता दें, पिछले काफी आईसीसी इवेंट्स में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी साधारण रहा है और इसी वजह से वो इन महत्वपूर्ण टूर्नामेंट की ट्रॉफी को अपने नाम नहीं कर पाए हैं। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने तीन आईसीसी इवेंट्स जीते थे। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2007, वनडे वर्ल्ड कप 2011 और चैंपियंस ट्रॉफी को अपने नाम किया था।
स्टार स्पोर्ट्स प्रेस रूम में बात करते हुए हरभजन सिंह ने भारत बनाम पाकिस्तान मैच का प्रीव्यू किया जो आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2024 में खेला जाएगा। हरभजन सिंह ने कहा कि, ‘बहुत लोग नहीं जानते लेकिन 2007 टी20 वर्ल्ड कप में धोनी भी नए कप्तान थे और उन्हें हम सबसे सपोर्ट की बेहद जरूरत थी। बड़ी टीम में जैसे ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के दौरान हम सब साथ मिलकर बातचीत करते थे और अगले कुछ ओवर्स को लेकर योजना बनाते थे। उदाहरण के रूप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में मैंने 17वां या 18वां ओवर फेंका था और हमने सिर्फ चार रन दिए थे। बाद में बल्लेबाज एक ओवर में 25 रन नहीं बना पाए थे जैसे आज के समय में होता है।
जो भी फैसला लिया जाता था वो सभी टीम के खिलाड़ियों के साथ मिलकर लिया जाता था। जब आप एक टीम के रूप में खेलते हैं तब आप ज्यादातर मैच जीतते हैं। धोनी काफी अच्छे सुनने वाले थे और वो सबकी हामी के बाद ही टीम के पक्ष में फैसला सुनाते थे। यह कभी भी ऐसा नहीं था कि एक खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया क्योंकि हम सभी लोग एक टीम के रूप में मैच खेल रहे थे। ऐसा ही इस बार है। रोहित शर्मा के ऊपर सवाल नहीं उठाना चाहिए क्योंकि वो अकेले नहीं है और यह बात साथ में खेलने की है।’
टी20 वर्ल्ड कप 2007 के फाइनल ओवर को लेकर हरभजन सिंह ने किया बड़ा खुलासा
हरभजन सिंह ने आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2007 के फाइनल को लेकर कहा कि, ‘जब मैं अपना ओवर खत्म किया तब मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही चीज चल रही थी। मैं यही दुआ कर रहा था कि हम यह मैच यहां से जीत जाएं। साथ ही यह भी बात चल रही थी कि मुझे और जोगिंदर शर्मा में किसको आखिरी ओवर दिया जाए।
अगर मिस्बाह उल हक ने मेरे पिछले ओवर में छक्का ना जड़ा होता तो मैं ही आखिरी ओवर फेंकता। लेकिन मेरे पिछले ओवर में काफी रन चले गए थे और मिस्बाह भी स्पिन काफी अच्छी तरह से खेल रहे थे और इसी वजह से हम लोग जोगिंदर शर्मा के साथ गए। उन्होंने भी यह कहा था कि मैं आखिरी ओवर फेंकूंगा इसलिए काफी चीज़ें सबके दिमाग में चल रही थी।’
एस श्रीसंत ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप की जीत को लेकर कहा कि, ‘सब चीज अंतिम ओवर में आ गई थी। फैसला यह लेना था की आखिरी ओवर किसको देना है। हां हमारे पास हरभजन सिंह और जोगिंदर शर्मा थे। लेकिन हमें यह भी देखना था कि अगर हरभजन सिंह अंतिम ओवर नहीं फेंकेंगे तो किसी ऐसे को देना पड़ेगा जो पाकिस्तान के खिलाफ अच्छी गेंदबाजी कर पाए। धोनी भाई ने यह फैसला लिया और हम मैच जीते। ऐसा पूरे वर्ल्ड कप में देखने को मिला था। हां यह माही भाई का फैसला था लेकिन हम सब लोग एक दूसरे की बातों को सुन रहे थे और हमने काफी अच्छा प्रदर्शन भी किया।’