IPL 2027: ‘बतौर इम्पैक्ट प्लेयर नहीं खेलेंगे’ बद्रीनाथ ने CSK में MS धोनी की भूमिका के बारे में किया बड़ा खुलासा
एस बद्रीनाथ ने सीएसके में माही की भूमिका को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
अद्यतन - सितम्बर 3, 2026 5:07 अपराह्न

चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व खिलाड़ी एस बद्रीनाथ ने एमएस धोनी की आईपीएल में भूमिका को लेकर बड़ा खुलासा किया है। बद्रीनाथ के मुताबिक, धोनी इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर नहीं खेलना चाहते। वह खुद को एक नियमित विकेटकीपर के रूप में देखते हैं और पूरे 20 ओवर मैदान पर रहना पसंद करते हैं।
पूरे मैच में विकेटकीपिंग करना चाहते हैं धोनी
बद्रीनाथ ने बताया कि धोनी ने उनसे खुद कहा है कि वह इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका नहीं निभाएंगे। धोनी का मानना है कि अगर वह टीम में विकेटकीपर हैं, तो उन्हें पूरे 20 ओवर मैदान पर मौजूद रहना चाहिए।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत खिलाड़ी को मैच के बीच में टीम में शामिल किया जा सकता है, इसलिए यह भूमिका धोनी की पसंद से मेल नहीं खाती। हालांकि, बद्रीनाथ का मानना है कि अगर धोनी इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेलने का फैसला करते हैं तो इससे सीएसके को रणनीतिक फायदा मिल सकता है।
बद्रीनाथ ने धोनी की फिटनेस को लेकर भी बात की। उन्होंने पूर्व सीएसके कोच स्टीफन फ्लेमिंग के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि धोनी का शरीर लंबे समय तक मैदान पर रहने के लिए पहले जैसा मजबूत नहीं है।
धोनी आमतौर पर पारी के अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी करने आते हैं और विकेटकीपिंग करते हैं। ऐसे में बद्रीनाथ के अनुसार, कम गेंदों का सामना करने और सीमित बल्लेबाजी भूमिका के कारण वह इम्पैक्ट प्लेयर के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।
बद्रीनाथ ने आईपीएल 2026 में सीएसके द्वारा इम्पैक्ट प्लेयर नियम के इस्तेमाल की भी आलोचना की। उन्होंने शिवम दुबे का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भारत के लिए गेंदबाजी करते हैं, लेकिन सीएसके ने उनका गेंदबाजी के रूप में सही इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए इम्पैक्ट प्लेयर नियम को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यह टीम मैनेजमेंट की रणनीति का मामला है।
अकील हुसैन को लेकर भी नाराजगी
बद्रीनाथ ने वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर अकील हुसैन को लेकर भी सीएसके की रणनीति पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, अकील को प्लेइंग इलेवन में नियमित जगह मिलनी चाहिए, लेकिन टीम उन्हें इम्पैक्ट प्लेयर के विकल्प के तौर पर रखती रही।
फलस्वरूप, आईपीएल 2026 में सीएसके आठवें स्थान पर रही और लगातार तीसरे सीजन प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी। ऐसे में टीम के खिलाड़ियों के इस्तेमाल और रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।