चेन्नई के हर मैच से पहले दीपक चाहर को फोन मिला देते हैं तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी - क्रिकट्रैकर हिंदी

चेन्नई के हर मैच से पहले दीपक चाहर को फोन मिला देते हैं तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी

मुकेश चौधरी ने बताया कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हुए मैच के बाद दीपक चाहर ने उन्हें फोन किया था।

Deepak Chahar & Mukesh Choudhary (Photo Source: Twitter
Deepak Chahar & Mukesh Choudhary (Photo Source: Twitter

मुकेश चौधरी ने निश्चित रूप से मौजूदा आईपीएल 2022 में कुछ मौकों पर बेहतरीन गेंदबाजी कर अपना नाम बनाया है। बाएं हाथ का ये तेज गेंदबाज नई गेंद को स्विंग करवाने की क्षमता रखता है और स्विंग के साथ-साथ उनकी तेज गति उन्हें और भी घातक बनाती है। हालांकि युवा तेज गेंदबाज कई बार महंगा साबित हुआ है, लेकिन सभी को यह उम्मीद है कि वो अनुभव के साथ और बेहतर होते चले जायेंगे।

अपने आखिरी मुकाबले में, चौधरी ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 46 रन देकर चार विकेट लिए और चेन्नई की जीत में अहम भूमिका निभाई। हाल ही में चौधरी ने खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें SRH के खिलाफ मैच के बाद दीपक चाहर का फोन आया और गेंदबाजी ऑलराउंडर ने उनके मैच जीतने वाले स्पैल की प्रशंसा की। बता दें कि चौधरी तकनीकी रूप से सीएसके लाइन-अप में दीपक चाहर की कमी को पूरा कर रहे हैं।

दीपक चाहर चोटिल होने के कारण इस आईपीएल सीजन से बाहर हो गए हैं। फिर भी, तेज गेंदबाज ऑलराउंडर लगातार चौधरी के संपर्क में हैं और समय-समय पर उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। इस बात का खुलासा खुद मुकेश चौधरी ने अपने हाल के इंटरव्यू में किया।

दीपक चाहर को लेकर मुकेश चौधरी ने कही यह बात

मुकेश चौधरी ने टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से कहा कि, “दीपक (चाहर) भाई ने पिछले कुछ समय से सीएसके के लिए खेलते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है। वह एक अद्भुत गेंदबाज हैं। मैं उनके साथ नियमित रूप से संपर्क में हूं और वह मेरा बहुत मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने मुझे बताया है कि कैसे स्थिति का आंकलन करना है और किसी विशेष स्थिति में क्या गेंदबाजी करनी है। टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में मैंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। दीपक भाई ने मुझे फोन किया और सुझाव दिए।”

तेज गेंदबाज ने आगे कहा कि, “जब मैंने सनराइजर्स के खिलाफ 4 विकेट लिए, तो उन्होंने (चाहर) मुझे फोन किया और मेरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अच्छा किया, अच्छा काम करते रहो। उन्होंने कहा- ‘बल्लेबाज पर नजर रखो और माही भाई के निर्देशों को सुनो। उन्होंने मेरी बहुत मदद की है। ईमानदारी से कहूं तो मैं दबाव में था, लेकिन दीपक भाई की बातों ने मेरा काफी हौसला बढ़ाया।”