मैच फिक्सिंग के आरोपों को लेकर क्रिस केर्न्स ने तोड़ी चुप्पी - क्रिकट्रैकर हिंदी

मैच फिक्सिंग के आरोपों को लेकर क्रिस केर्न्स ने तोड़ी चुप्पी

पूर्व ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स ने सफलतापूर्वक मैच फिक्सिंग के आरोपों को गलत साबित कर दिया था।

Chris Cairns. (Photo via Getty Images)
Chris Cairns. (Photo via Getty Images)

न्यूजीलैंड के पूर्व ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स को मैच फिक्सर के रूप में नामित किए जाने के बाद उन्होंने दुनिया भर में सभी का ध्यान आकर्षित किया था। ब्रेंडन मैकुलम और लू विंसेंट सहित कई न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटरों ने खुलासा किया था कि क्रिस केयर्न्स ने उनसे पैसे लेने और मैच फिक्स करने के लिए संपर्क किया था।

पूर्व ऑलराउंडर ने हाल ही में अपने निजी जीवन में बहुत कठिन का सामना किया है। आपको बता दें, 51 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर इस साल की शुरुआत में लाइफ सपोर्ट पर थे, और पिछले साल उनकी चार ओपन-हार्ट सर्जरी में से एक के दौरान स्ट्रोक से पीड़ित होने के बाद उनकी कमर के नीचे लकवा मार गया था। इतना ही नहीं, पूर्व ऑलराउंडर को इस साल की शुरुआत में आंत्र कैंसर का भी शिकार होना पड़ा।

क्रिस केर्न्स ने अपने ऊपर लगे मैच फिक्सिंग के आरोपों पर बात की

इतने आघात और मृत्यु के निकट के अनुभव का सामना करने के बाद, क्रिस केर्न्स फ़िलहाल अच्छी तरह से ठीक हो रहे हैं, और उनका मानना है कि पिछले कुछ महीनों ने उनके दिमाग को कठोर  बना दिया है।  साल 2012 से 2015 तक उन पर मैच फिक्सिंग का आरोप था और जब तक वह निर्दोष नहीं साबित हुए, उन्हें बहुत कुछ झेलना पड़ा, और उन हाई-प्रोफाइल ट्रायल्‍स का उनके दिमाग पर काफी प्रभाव पड़ा। लेकिन अब स्‍वास्‍थ्‍य लड़ाइयों के बाद उनका जिंदगी के प्रति नजरिया बदल गया है।

NZME द्वारा होस्ट किए गए एक पॉडकास्ट पर क्रिस केर्न्स ने कहा: “मुझे बहुत गुस्सा और निराशा थी, लेकिन मैंने इसे चुपचाप सहा। फिर मैं ऑस्‍ट्रेलिया आ गया और जिंदगी के साथ आगे बढ़ा, लेकिन मैं गुस्से में था। लेकिन अब, पिछले सात महीनों के बाद, यह मेरी सोच से बहुत नीचे है। यह प्राथमिकता नहीं है। वह मुद्दा मेरे साथ किसी और जीवन ने घटित हुआ था, अब मेरी सोच काफी बदल गई है।”

उन्होंने कहा: “शायद मैच फिक्सिंग ट्रायल्‍स वाले समय ने मुझे मजबूत बनाया, मुझमें स्टील का निर्माण किया, जिसने मुझे जीवित रहने की अनुमति दी – क्योंकि मैं जिस चीज से गुजरा उसमें जिंदा यह उस समय जीवित रहने के बारे में था, मैं अपने दम पर था, मुझे विलेन बनाया गया, और वही मेरी भूमिका थी। ,मैंने उस लचीलेपन का निर्माण किया, कौन कह सकता है कि मुझे लड़ने में मदद करने में योगदान देने वाला कारक नहीं था।”