ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने स्टीव स्मिथ को उप-कप्तान नियुक्त करने की आलोचना की - क्रिकट्रैकर हिंदी

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने स्टीव स्मिथ को उप-कप्तान नियुक्त करने की आलोचना की

आगामी एशेज सीरीज के दौरान स्टीव स्मिथ उपकप्तान की भूमिका में नजर आएंगे।

Steve Smith
Steve Smith. (Photo Source: Getty Images)

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी इयान चैपल ने एशेज सीरीज से पहले स्टीव स्मिथ को टीम का उप-कप्तान नियुक्त करने के क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के फैसले की जमकर आलोचना की है। 32 वर्षीय स्मिथ इस साल की शुरुआत में मार्च में ऑस्ट्रेलियाई टीम का नेतृत्व करने के योग्य हो गए थे, बॉल टेम्परिंग विवाद के बाद उन्हें किसी भी टीम की कप्तानी लेने से दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।

आगामी एशेज सीरीज से पहले और टिम पेन के ‘सेक्सटिंग’ विवाद के बाद स्मिथ को राष्ट्रीय टेस्ट टीम का  उप-कप्तान नियुक्त किया गया है। दाएं हाथ का यह बल्लेबाज पैट कमिंस की कप्तानी में काम करने के लिए तैयार है, कमिंस को टिम पेन की जगह कप्तानी सौंपी गई है।

चैपल इस बात से थोड़े नाराज थे कि स्मिथ और डेविड वार्नर के साथ अलग-अलग व्यवहार किया गया, दोनों ही खिलाड़ीबॉल टेम्परिंग विवाद के दौरान टीम का हिस्सा थे। हालांकि स्मिथ कप्तानी में लौट आए हैं, तो वहीं वार्नर को भविष्य में हमेशा के लिए कप्तानी की भूमिका निभाने से रोक दिया गया है।

पूर्व खिलाड़ी का मानना है कि स्टीव स्मिथ का अपराध वॉर्नर से बड़ा था।  27 नवंबर को 2जीबी के वाइड वर्ल्ड ऑफ स्पोर्ट्स रेडियो पर बोलते हुए चैपल ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि, “स्टीव स्मिथ को सजा के लिए डेविड वॉर्नर से अलग क्यों देखा जाता है? वास्तव में, मुझे लगता है कि स्टीव स्मिथ का अपराध अधिक था। एक कप्तान को इस धोखाधड़ी के बारे में पता होना चाहिए, उसे पता लगाना चाहिए था और उसे इसके बारे में कुछ करना चाहिए था।”

टिम पेन मामले पर इयान चैपल ने क्या कहा ?

चैपल का यह भी मानना ​​था कि पेन के मामले में सीए को ही कप्तानी छिनने के बाद उन्हें ग्यारह में से बाहर कर देना चाहिए था। उन्होने कहा कि, “धोखा देना धोखा है, चाहे वह बड़ी धोखाधड़ी हो या छोटी धोखाधड़ी, यह अभी भी मेरी किताब में धोखा है। और अगर मैंने धोखा दिया होता, और अगर मैंने वह किया होता जो टिम पेन ने किया था, तो मुझे यकीन है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया मुझसे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहता, वह मुझसे कप्तानी लेकर मुझे टीम से भी बाहर कर दिया होता।”