आईसीसी सीधे खिलाड़ियों से करेगी गेमिंग अधिकारों का सौदा, जानिए क्या है पूरा मामला
गेमिंग प्लेटफॉर्म के लिए कुल 15 कंपनियों को चुना गया है, जो गेम बनाने और उसका प्रचार करने में सक्षम हैं। आइए आपको इस खबर के बारे में विस्तार से बताते हैं।
अद्यतन - Aug 2, 2025 9:18 pm

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने फैसला किया है कि वह अपने मोबाइल गेमिंग प्लेटफॉर्म को बनाने और उसकी मार्केटिंग करने की योजना में विश्व क्रिकेटर्स एसोसिएशन को शामिल नहीं करेगी। आईसीसी का मानना है कि इस महत्वपूर्ण योजना के लिए खिलाड़ियों के अधिकारों को सुरक्षित करना जरूरी है, और आईसीसी इसे खिलाड़ियों के संगठन से नहीं बल्कि संबंधित सदस्य बोर्डों के जरिए प्राप्त करना चाहता है।
अप्रैल 2025 में हरारे में आईसीसी की बोर्ड मीटिंग हुई थी, जिसके अनुसार इस गेमिंग प्लेटफॉर्म से संबंधित कार्यों के लिए खिलाड़ियों के अधिकार सदस्य बोर्ड के जरिए लिए जाएंगे। इस कार्य को आगे बढ़ाने में एक बड़ी दिक्कत यह है कि पुराने खिलाड़ियों को इसमें कैसे शामिल किया जाए? जो अपने बोर्ड से जुड़े हुए नहीं हैं, क्योंकि पुराने खिलाड़ियों के बिना कोई भी ऑनलाइन गेम अधूरा ही लगेगा।
मुद्दे को सुलझाने के लिए आईसीसी का सुझाव
मुद्दे को सुलझाने के लिए आईसीसी ने एक वर्किंग ग्रुप बनाने का सुझाव दिया है, ताकि यह कार्य अक्टूबर में होने वाली अगली बैठक से पहले पूरा हो जाए, क्योंकि अक्टूबर से ही इस मोबाइल गेम के अधिकारों की लाइसेंसिंग पूरी हो जाएगी। आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता का मानना है कि यह गेमिंग प्लेटफॉर्म किसी भी फिल्म इंडस्ट्री से भी बड़ा होगा।
इस काम के लिए आईसीसी ने ‘ऐ एंड डब्लू कैपिटल’ नाम की एक कंसल्टेंट कंपनी को चुना है, जो पूरे प्लेटफॉर्म का रेवेन्यू मॉडल डिजाइन और बनाने में मदद करेगी। अभी तक इस गेमिंग प्लेटफॉर्म के लिए कुल 15 कंपनियों को चुना गया है, जो गेम बनाने और उसका प्रचार करने में सक्षम हैं। चयनित कंपनियों से प्रतिक्रिया सितंबर की शुरुआत तक मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद आईसीसी जो भी कंपनी सबसे बेहतर होगी उसका चयन करेगा।
आईसीसी ने इस प्लेटफॉर्म से जुड़ी पूरी योजना बना ली है। सभी मेंबर्स का ऐसा मानना है कि इसे पूरा होने में लगभग एक साल का समय लग जाएगा और सारे कार्य अच्छे से हो सकें, इसके लिए एक समूह बनाया जाएगा।