टीम इंडिया वैभव सूर्यवंशी को एक गेंदबाज के तौर पर करना चाहती है इस्तेमाल, भारतीय कोच ने बताए भविष्य के प्लान
टीम इंडिया का भविष्य चमकाने की तैयारी, वैभव की बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी पर भी नजर
अद्यतन - जुलाई 25, 2026 3:52 अपराह्न

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर एक बार फिर अपनी प्रतिभा साबित कर दी। सिर्फ 15 साल की उम्र में उन्होंने 18 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेली और भारत को 7 विकेट से आसान जीत दिलाने में मदद की। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
वैभव की इस पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल रहे। इसके साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे, लेकिन हरारे में उन्होंने शानदार वापसी की।
युवा खिलाड़ी के इस प्रदर्शन के बाद दूसरे टी20 मैच से पहले कार्यवाहक गेंदबाजी कोच सुनील जोशी ने वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अभी टीम का पूरा ध्यान उनकी बल्लेबाजी पर है, क्योंकि वह इस विभाग में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। जोशी ने कहा कि हरारे का मैदान वैभव के लिए खास रहा है। इससे पहले उन्होंने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में भी यहां शानदार प्रदर्शन किया था और अब एक बार फिर उसी मैदान पर बेहतरीन पारी खेली।
सुनील जोशी ने बताया कि वैभव सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी अपनी क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी समय मिलेगा, बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में उनकी गेंदबाजी पर भी काम किया जाएगा। अगर वह गेंदबाजी में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो टीम प्रबंधन इस पहलू पर भी तेजी से ध्यान देगा। टीम इंडिया उन्हें एक गेंदबाज के तौर पर भी इस्तेमाल करना चाहती है।
युवा खिलाड़ियों को लेकर क्या बोले जोशी
जोशी ने उभरते ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे की भी तारीफ की, लेकिन उनकी तुलना किसी अन्य खिलाड़ी से करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी अपनी अलग पहचान बनाता है। हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे ने भी समय के साथ खुद को साबित किया है, इसलिए सूर्यांश को भी पूरा मौका और समय मिलना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और हर्ष दुबे जैसे खिलाड़ी भी जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी का विकल्प दे सकते हैं। कोच का मानना है कि इन खिलाड़ियों को अपनी गेंदबाजी में बुनियादी चीजों पर ध्यान देना चाहिए ताकि टीम को जरूरत के समय अतिरिक्त विकल्प मिल सके।