धरने पर बैठे पहलवानों के सपोर्ट में सामने आई भारत की 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम, कहा -‘जल्दबाजी में न लें कोई फैसला’
भारत की 1983 वर्ल्ड कप विजेता क्रिकेट टीम ने पहलवानों से प्रार्थना की कि वे कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें।
अद्यतन - जून 2, 2023 3:59 अपराह्न

भारत की 1983 वर्ल्ड कप विजेता क्रिकेट टीम ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ देश के पहलवानों के विरोध का समर्थन किया और सभी से निवेदन भी किया कि वे कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें।
खबरों के अनुसार, धरने पर बैठे भारत के रेसलर अपने पदकों को पवित्र गंगा नदी में विसर्जित करने का चौंकाने वाला कदम उठा सकते हैं, अगर उनकी मांगे जल्द पूरी नहीं की जाती है। इस खबर के सामने आने के बाद 1983 वर्ल्ड कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम ने आधिकारिक बयान जारी कर उन्हें ऐसा नहीं करने का आग्रह किया है।
आपको बता दें, विनेश फोगट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया काफी लंबे समय से महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण के आरोप में भारतीय कुश्ती महासंघ/रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
देश के कानून को प्रबल होने दें: 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम
दिल्ली पुलिस ने 28 मई को कानून और व्यवस्था के उल्लंघन के लिए इन पहलवानों को हिरासत में लिया था, जब उन्होंने बिना अनुमति के नए संसद भवन की ओर अपना प्रोटेस्ट मार्च किया था। इस दौरान उन्होंने अपने पदक गंगा में विसर्जित करने की धमकी दी थी, लेकिन जब उन्होंने 30 मई को हरिद्वार में विरोध किया, तो अपनी इस धमकी पर अमल नहीं किया। हालांकि, इसके बाद धरने पर बैठे रेसलर को भारत की 1983 वर्ल्ड कप विजेता क्रिकेट टीम का सपोर्ट जरूर मिल गया।
PTI के अनुसार, 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम ने एक बयान जारी करते हुए कहा: “हम अपने चैंपियन पहलवानों के साथ हो रही बदसलूकी के अशोभनीय दृश्यों को देखकर व्यथित और परेशान हैं। हमें सबसे ज्यादा चिंता इस बात की भी है कि वे अपने कठिन परिश्रम से कमाए मेडल गंगा नदी में विसर्जित करने के बारे में सोच रहे हैं।
ये पदक उनकी वर्षों की मेहनत, बलिदान, दृढ़ संकल्प और धैर्य की निशानी है और वे न केवल उनके बल्कि देश के गौरव और उल्लास का प्रतिक हैं। हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे इस मामले में जल्दबाजी में कोई फैसला न लें और साथ ही हम उम्मीद करते हैं कि उनकी शिकायतों को सुना जाएगा और उनका जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा। हमारी गुजारिश है कि आप सभी देश के कानून को प्रबल होने दें।”
आपको बता दें, भारत ने महान क्रिकेटर कपिल देव की कप्तानी में वेस्टइंडीज को लॉर्ड्स में हराकर देश को पहला वर्ल्ड कप दिलाया था। इस विजेता टीम के अन्य सदस्य सुनील गावस्कर, मोहिंदर अमरनाथ, के श्रीकांत, सैयद किरमानी, यशपाल शर्मा, मदन लाल, बलविंदर सिंह संधू, संदीप पाटिल, कीर्ति आजाद और रोजर बिन्नी थे।