भारत की हार के बाद इंजमाम-उल-हक ने इन खिलाड़ियों को अधिक जिम्मेदारी निभाने को कहा - क्रिकट्रैकर हिंदी

भारत की हार के बाद इंजमाम-उल-हक ने इन खिलाड़ियों को अधिक जिम्मेदारी निभाने को कहा

इंजमाम के मुताबिक, पिछले दो साल में निचले क्रम के खिलाड़ियों ने भारत की जीत में दिया अहम योगदान।

Inzamam-ul-Haq and Virat Kohli. (Photo Source: Getty Images)
Inzamam-ul-Haq and Virat Kohli. (Photo Source: Getty Images)

लीड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज हर वक्त भारतीय बल्लेबाजों पर हावी दिखे। मेजबान टीम ने अपने गेंदबाजों के दम पर टेस्ट को चौथे दिन के पहले सत्र में भारत की दूसरी पारी को समेट दिया और इंग्लैंड इस टेस्ट मैच को एक पारी और 76 रनों से जीतने में कामयाब हुआ। दूसरी पारी में इंग्लैंड के सबसे सफल तेज ओली रॉबिंसन रहे जिन्होंने पांच खिलाड़ियों को अपना शिकार बनाया।

इस शानदार जीत के बाद इंग्लिश टीम ने सीरीज को 1-1 की बराबरी पर ले आया है। इसी टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाजी का विश्लेषण पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इंजमाम-उल-हक ने अपने यूट्यूब चैनल पर किया है। उनका मानना है कि इस टेस्ट के बाद सीरीज अब बराबरी पर खड़ी है और इसके बाद आने वाले टेस्ट मैचों को देखने में और मजा आएगा।

भारतीय सीनियर बल्लेबाजों को लेकर इंजमाम ने क्या कहा?

इंजमाम-उल-हक ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि, “दोनों टीमें काफी अच्छी हैं लेकिन आप भारत की बल्लेबाजी देखें तो विराट कोहली ने पिछले दो साल से शतक नहीं बनाया है। यही हाल चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे का है। हाल के वर्षों में भारतीय टीम मुश्किल स्थिति में युवाओं की तरफ देखती है। लेकिन अगर अनुभवी खिलाड़ी निरंतरता के साथ अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो इससे युवाओं पर भी दबाव आ जाता है।”

इंजमाम ने आगे कहा कि, “बड़ी सीरीज में अगर टीम के अनुभवी खिलाड़ी नेतृत्व नहीं करते हैं तो इसके बाद उन्हें परेशानी हो सकती है। मैं ये नहीं कह रहा कि नए खिलाड़ी अच्छे नहीं हैं। वो अच्छे हैं लेकिन अनुभवी खिलाड़ी सामने से टीम का साथ नहीं देंगे तो नए खिलाड़ी भी बड़ी पारियां नहीं खेल पाएंगे। विराट को सभी नंबर 1 बल्लेबाज मानते हैं, रोहित शर्मा के पास जो खेलने का क्षमता है उसमे कोई संदेह नहीं है। टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो पुजारा और रहाणे भी अच्छे खिलाड़ी हैं। अगर पुजारा और रहाणे ने इस टेस्ट सीरीज में रन बनाए होते या साझेदारियां की होती तो आज हालात कुछ और हो सकते थे।”